एचपीयू का ग्रेड बढ़ने का संकेत दे गई नैक टीम
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का तीन से छह अक्तूबर तक ग्रेडिंग को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्वायत संस्था राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) की ग्यारह सदस्यीय टीम ने दौरा किया। नैक टीम के दौरे में समापन पर टीम के चेयरमैन के संबोधन से विवि का ग्रेड बढ़ने के पूरे संकेत मिले। चेयरमैन प्रो. आईवी त्रिवेदी ने कहा कि जिस प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री नैक टीम को इतना आतिथ्य सत्कार दिया दे उस विश्वविद्यालय का भविष्य निश्चित तौर पर उज्जवल है।
उन्होंने कहा कि उनका यह व्यवहार और सोच इनकी उच्च शिक्षा के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। प्रो. त्रिवेदी ने कहा कि विभागीय दौरे के दौरान उन्हें विभागों में सराहनीय शोध सहित अच्छे कार्य किए मिले हैं। एक ओर जहां परिसर में छात्र धरने प्रदर्शन पर थे, वहीं उससे कहीं अधिक छात्र विभागीय दौरे के दौरान कक्षाओं में मिले, देर शाम तक पढ़ने वाले छात्र पुस्तकालयों में पढ़ते मिले। जो शैक्षणिक विकास का एक सकारात्मक पक्ष है।
आगे बढ़ने की कोई सीमा नहीं, एचपीयू में पढ़ने और पढ़ाने के लिए उपयुक्त शांत माहौल है। उन्होंने विवि समुदाय को आत्ममंथन करने के लिए कहा। नैक टीम चेयरमैन प्रो. आईवी त्रिवेदी ने कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी और विवि के पूरे समुदाय की प्रशंसा करते हुए कुलपति को दौरे की रिपोर्ट सौंपी और कहा कि जब यह सील बंद रिपोर्ट खुले तो इसे शिक्षकों को जरूर दिखाया जाए, ताकि इसमें दिए सुझावों पर गौर हो। चेयरमैन ने अपना संबोधन का समापन...दुख भर दिन बीते रे भइया अब सुख आयो रे.... से किया।
कुलपति बोले, ग्रेड नहीं बढ़ा तो मुझे माफ करना
विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने नैक टीम के चेयरमैन प्रो. आईवी त्रिवेदी सहित समस्त टीम सदस्यों का आभार जताया और उन्होंने सिर्फ विवि के ग्रेड को बढ़ाने के लिए पूरे विवि समुदाय के साथ मिलकर दिन रात प्रयास किए, यदि ग्रेड बढ़ता है, तो यह विवि समुदाय की उपलब्धि होगी, यदि ग्रेड न बढ़ पाया तो इसके लिए मुझे माफ करना।
वाजपेयी ने नैक टीम के दौरे को लेकर दिए गए हर तरह के सहयोग के लिए राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बिगड़े माहौल के बीच उन्हीं की मदद से नैक टीम का यह दौरा सफलता पूर्वक करवाना संभव हुआ।
शिक्षक मिलकर काम करें तो पुलिस की जरूरत नहीं
उन्होंने परिसर में बने माहौल पर कहा कि यदि विवि के शिक्षक मिलकर काम करें तो परिसर मे पुलिस की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनका 40 साल का शिक्षण कार्य का अनुभव यही बताता है। मिलकर कार्य करने पर परिसर में कोई गड़बड़ी नहीं होगी। पिछले पांच सालों में विवि में कुलपति की देखरेख में हुए कार्यों की सराहना की और पूर्व छात्र संघ को भी इसके लिए बधाई दी।
नैक टीम अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय के जनजातीय अध्ययन संस्थान के जनजातीय क्षेत्र के जनजीवन और लोगों के रीति रिवाज आदि पर किए गए शोध कार्यों की सराहना की और इसे बढ़िया उच्च श्रेणी का कार्य बताया। उन्होंने कहा कि वे इस संस्थान के साथ मिलकर आने वाले समय में जनजातीय क्षेत्र में और प्रोजेक्ट करने की इच्छा रखते हैं।