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शिक्षा विभाग फेल, इस यूनिवर्सिटी ने 10 की बजाए 33 फीसदी बढ़ा दी फीस
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 29 Aug 2017 10:56 AM IST
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प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए योजनाएं बनाने वाला शिक्षा विभाग खुद ही गुणा-भाग करने में फेल हो गया है। विभाग के कर्मचारियों ने महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की फीस में 33 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी।
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विभाग ने इसे स्टेट और मैनेजमेंट कोटे में 10 फीसदी फीस की बढ़ोतरी दर्शाया है। शैक्षणिक सत्र 2017-18 से 2021-22 के लिए बढ़ाई गई फीस की सोमवार को जारी अधिसूचना में इसका खुलासा हुआ है।
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अधिसूचना के मुताबिक सरकार ने फीस में हर साल दस फीसदी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। 2017-18 से 2021-22 तक के लिए सरकार ने फीस स्ट्रक्चर जारी किया है।
अधिसूचना में महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय में स्टेट कोटे की वर्तमान फीस 5.25 लाख बताई गई है। शैक्षणिक सत्र 2017-18 में फीस में 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने की बात कहते हुए फीस को सात लाख रुपये पहुंचा दिया गया है।
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यह बढ़ोतरी 10 फीसदी की जगह 33 फीसदी कर दी गई है। सत्र 2018-19 में इस फीस में दस फीसदी की बढ़ोतरी भी की गई है। ऐसे में यह फीस 2018-19 में 7,70,000 पहुंच गई है। साल 2021-22 तक इस फीस में प्रति वर्ष दस फीसदी की बढ़ोेतरी की गई है। 2021-22 के लिए फीस को 10.24 लाख निर्धारित किया गया है।
इसी तरह मैनेजमेंट कोटे की वर्तमान फीस 9.45 लाख को साल 2017-18 में दस फीसदी बढ़ाते हुए 12 लाख तय किया गया है। यह बढ़ोतरी दस फीसदी की जगह 26 फीसदी कर दी गई है। इस फीस में भी 2021-22 तक दस फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। 2021-22 में यह फीस 17.56 लाख रुपये होगी।
आईआरडीपी, बीपीएल कोटे में बढ़ोतरी सही
आईआरडीपी और बीपीएल उम्मीदवारों की फीस में दस फीसदी की बढ़ोतरी सही तरीके से की गई है। वर्तमान फीस 40 हजार रुपये को साल 2017-18 में 44 हजार तय किया गया है। इस फीस में भी दस फीसदी के हिसाब से आगे के वर्षों के लिए बढ़ोतरी की गई है। विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं।
अब फैसला बदलने की शुरू की तैयारी
शिमला। गलती सामने आने के बाद जब अमर उजाला ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के ध्यान में यह मामला लाया तो अधिकारियों ने गलती मानते हुए इसमें बदलाव करने का फैसला लिया है। संभावित है कि एक-दो दिन के भीतर फीस को नए सिरे से तय कर दोबारा अधिसूचित किया जाएगा।