एमबीबीएस, बीडीएस की काउंसलिंग फीस बढ़ी, विद्यार्थियों को चुकाने होंगे इतने पैसे
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने एमबीबीएस और बीडीएस की काउंसलिंग के लिए फीस बढ़ा दी है। आरक्षित वर्ग के लिए यह फीस 800 से 900 जबकि सामान्य वर्ग के लिए 1600 से 1800 रुपये कर दी गई है।
प्रदेश में चल रहे सात मेडिकल और चार डेंटल कॉलेजों के लिए नीट का परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद एचपीयू 5 जून से काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा।
काउंसलिंग के आधार पर ही एचपीयू की प्रवेश परीक्षा शाखा कॉलेजों में सीटें भरने की प्रक्रिया शुरू करेगी। एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने बताया कि फीस में सरकार की मंजूरी मिलने के बाद आंशिक बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश भर के छह सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज और एक सरकारी व तीन डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके लिए संभावित शेडयूल तैयार किया गया है।
इसके मुताबिक 5 से 15 जून तक एचपीयू स्टेट मेरिट के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चलेगी जबकि 26 जून से 5 जुलाई तक काउंसलिंग की प्रक्रिया संचालित करने की संभावित तिथि रहेगी। इसके लिए विश्वविद्यालय अलग से काउंसलिंग शेडयूल भी जारी करेगा।
किस कॉलेज में कितनी सीटें
प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 100 प्रति कॉलेज के हिसाब से तय सीटें एचपीयू की मेरिट के आधार पर 85 स्टेट और 15 ऑल इंडिया कोटे के तहत भरी जानी हैं।
सोेलन के एक निजी मेडिकल कॉलेज की कुल 150 सीटों में स्टेट और मैनेजमेंट के 75:75 के अनुपात में भरी जाएंगी। वहीं प्रदेश के विवि से संबद्ध एक सरकारी डेंटल कॉलेज की 60 सीटें भरी जानी हैं
जबकि नाहन के हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस की 100, हिमाचल डेंटल कॉलेज सुंदरनगर की 60, सोलन के एमएन डीएवी संस्थान और भूजिया डेंटल कॉलेज की 60-60 सीटें भरने की प्रक्रिया एचपीयू की काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत ही भरी जानी हैं।