मेधावियों को इस माह से मिलेंगे लैपटॉप, दो कंपनियां चयनित
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प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले 9700 मेधावियों को अगस्त में लैपटॉप मिल सकते हैं। लैपटॉप खरीद के लिए पहली बार दो कंपनियों का चयन किया गया है। एल वन कंपनी को 60 फीसदी और एल टू कंपनी को 40 फीसदी सप्लाई ऑर्डर मिलेगा।
राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन ने टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड के बाद दो कंपनियों का चयन कर फाइल अंतिम मंजूरी के लिए शिक्षा विभाग को भेज दी है। शिक्षा विभाग से मंजूरी मिलते ही कारपोरेशन दोनों कंपनियों को सप्लाई ऑर्डर जारी करेगी।
मेधावी विद्यार्थियों को दिए जाने वाले लैपटॉप की खरीद की टेक्निकल बिड में पेच फंस गया था। टेंडर में दिए गए तय मानक पूरे नहीं करने के आरोप में बाहर हुई कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। कारपोरेशन ने मामले की जांच के बाद आरोप लगाने वाली कंपनी को टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। खरीद प्रक्रिया के तहत राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन के पास तीन कंपनियों ने टेंडर लेने के लिए आवेदन किया था।
तीनों कंपनियों ने टेक्निकल बिड के दौरान अपने सैंपल प्रस्तुत किए। एक कंपनी के सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। लैपटॉप में दिए जाने वाले पोर्ट को लेकर मामला विवादित हो गया था। अब मामला सुलझने के बाद कारपोरेशन ने दो कंपनियों को चयनित कर लिया है। दोनों कंपनियां एक तरह की क्षमता के लैपटॉप खरीदेंगी। प्रदेश में जल्द लैपटॉप की सप्लाई मुहैया करवाने को दो कंपनियों का चयन किया गया है।
बीते साल के मेधावियों को मिलने हैं लैपटॉप
राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की साल 2018-19 में हुई परीक्षाओं में दसवीं और जमा दो कक्षा के 8800 और कॉलेजों के 900 मेधावियों को लैपटॉप दिए जाने हैं। साल 2018 में मेधावी विद्यार्थियों को सरकार लैपटॉप नहीं दे सकी थी।
जयराम सरकार ने बदला योजना का नाम
जयराम सरकार ने कांग्रेस सरकार की राजीव गांधी डिजिटल योजना का नाम भी बदल दिया है। अब मेधावियों को श्रीनिवास रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल योजना के तहत लैपटॉप दिए जाएंगे। रामानुजन को गणितज्ञों का गणितज्ञ भी कहा जाता है।