एचपीयू की बड़ी लापरवाही, टॉपर को ही नहीं मिल पाई एडमिशन
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की लापरवाही से कुल्लू कॉलेज की एक टॉपर केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रवेश से वंचित रह गई।
वर्ष 2013-16 बैच की कुल्लू कॉलेज और सीयू की एमएमसी प्रवेश परीक्षा में टॉपर रहीं सिमरन को केंद्रीय विश्वविद्यालय में जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर में दाखिला नहीं मिला है। सिमरन के प्रमाणपत्र में त्रुटि होने के कारण उनका नाम मेरिट लिस्ट में जारी नहीं किया गया।
सीयू में एमएमसी प्रवेश परीक्षा में कुल्लू की सिमरन ठाकुर ने टॉप किया था। बावजूद इसके उन्हें एमएमसी में दाखिला नहीं मिला। परीक्षा के बाद केंद्रीय विश्वविद्यालय ने सभी अभ्यर्थियों से दसवीं, 12वीं और स्नातक की ग्रेड सर्टिफिकेट की प्रतिलिपि स्कैन करके विश्वविद्यालय की मेल आईडी में भेजने को कहा था।
इस पर सिमरन ने भी अपने सारे प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय को प्रेषित किए। मेरिट लिस्ट जारी होने पर वह हक्की बक्की रह गईं। मेरिट में सिमरन का नाम ही नहीं था। सिमरन ने परीक्षा नियंत्रक से संपर्क किया तो बताया गया कि उनके डिग्री ग्रेड कार्ड में सीजीपीए कमुलेटिव ग्रेड प्वांइट एवरेज में ग्रेड नहीं लिखा गया है।
सीएम और राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग
प्रदेश विवि की लापरवाही से अब सिमरन का एक वर्ष बर्बाद हो गया है। सिमरन के पिता उमेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आचार्य देवव्रत से मामले में हस्तक्षेप करने तथा जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच बैठाने का आग्रह किया है।
उमेश ठाकुर ने बताया कि विश्वविद्यालय से संपर्क करने पर बताया गया कि एक विषय इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन का परिणाम नहीं जोड़ा जा सका। इस कारण यह दिक्कत हुई। इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन विषय की परीक्षा 2014 में ली गई थी।
बार-बार आग्रह करने पर संबंधित सेक्शन ने रिजल्ट जोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसे जोड़ा नहीं गया। उधर, एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक जेएस नेगी ने कहा कि इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि अगर छात्रा की ओर से ऐसी शिकायत मिलती है तो छानबीन की जाएगी।