नहीं रहा कबड्डी की प्रतिभाएं तराशने वाला जौहरी, क्षेत्र में शोक की लहर
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देश और प्रदेश की प्रतिभाओं को निखारने वाले जौहरी हीरा सिंह अब नहीं रहे। कबड्डी खेल में हीरा सिंह को महारत हासिल थी। आज उनकी तराशी हुई युवा प्रतिभाएं प्रियंका नेगी, रितु नेगी, पुष्पा राणा और निर्मला चौहान और लक्ष्मी अंतरराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय खेल पटल पर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।
वर्ष 1951 में जन्में सिरमौर के शिलाई क्षेत्र के ग्राम बांदली निवासी हीरा सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल में ही हुई। नाहन शमशेर स्कूल से 10वीं उत्तीर्ण की थी। कबड्डी में बेहद रुचि रही।
शिलाई में बतौर पीटीआई सेवाएं शुरू कीं। वर्ष 2008 में शिलाई स्कूल से ही पीटीआई सेवानिवृत्त हुए। उनकी युवाओं के बीच कड़क, अनुशासित और दबंग शिक्षक के रूप में पहचान थी।
प्रदेश ने खोया कबड्डी का रहनुमा हीरा सिंह
उनके तलाशे और तराशे सैकड़ों खिलाड़ी राज्य तथा नेशनल स्तर पर कबड्डी में खेल चुके हैं। पैरालाइज अटैक के चलते वे पिछले 3 वर्षों से बिस्तर पर थे, लेकिन कबड्डी के प्रति कभी प्रेम कम नहीं हुआ। शुक्रवार रात को 67 वर्ष की आयु में हीरा सिंह ने अलविदा कह दिया।
प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कुलदीप राणा, सह सचिव ग्यार सिंह नेगी और रामलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश ने कबड्डी खेल व खिलाड़ियों के रहनुमा हीरा सिंह को हमेशा के लिए खो दिया है।
हीरा सिंह कबड्डी संघ जिला महासचिव रहे। लंबी बीमारी के बाद भी खेल के प्रति लगन कम नहीं हुई। शिलाई में विगत वर्ष राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता आयोजन के दौरान पूरा मार्गदर्शन मिलता रहा।