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जेओए भर्ती: तीन हजार युवाओं का भविष्य दांव पर, आरएंडपी नियम 18 का प्रयोग करे सरकार

Mon, 10 Sep 2018 11:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 10 Sep 2018 11:23 AM IST
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JOA Post code 556 candidates demanded Himachal govt to amend RandP rules

राज्य कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड-556 भर्ती में करीब तीन हजार युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद निजी संस्थानों से एक साल का कंप्यूटर डिप्लोमा करने वाले ये युवा भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की कगार पर हैं।

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सरकारी नुमाइंदों से भी इन्हें आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी मिले तो भी मामला उनके ध्यान में होने की बात ही कही गई थी। नरेश शर्मा, योगराज ठाकुर, अनिल ठाकुर, लाल कृष्ण, सुशील चौहान, पारुल ठाकुर, शेफाली, शशि, परमजीत कौर, पूजा, प्रियंका वालिया, रिंकू, महेश, देशराज, हेमराज, केडी सिमटा, सुनील और जनेश ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि भर्ती एवं पदोन्नति नियम 18 का प्रयोग कर युवाओं को इस भर्ती में राहत दी जाए।
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नरेश शर्मा ने कहा कि अगर सरकार ने पोस्ट कोड 556 भर्ती में आरएंडपी नियम 18 का प्रयोग कर युवाओं को राहत नहीं दी तो वे सुप्रीमकोर्ट जाएंगे। आयोग सरकार की अनुमति के बिना परिणाम निकालने की तैयारी में है। हाईकोर्ट से क्लेरिफिकेशन कैंसिल होने के बाद कार्मिक विभाग को इसकी जानकारी ही नहीं दी गई।

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भर्ती पर चेयरमैन क्या बोले

JOA Post code 556 candidates demanded Himachal govt to amend RandP rules

योगराज ठाकुर ने कहा कि 21 अगस्त, 2017 को सरकार ने क्लेरिफिकेशन दी थी। फैसला हुआ था कि आरएंडपी नियमों में संशोधन किया जाएगा। एक साल से ज्यादा समय बाद भी नियमों में संशोधन नहीं किया गया। अनिल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार 60 नंबर वालों को नौकरी देकर 140 अंकों वाले अभ्यर्थियों को भर्ती से बाहर करना चाहती है। पारुल ठाकुर ने कहा कि बीते वर्ष पोस्ट कोड-447 में करीब 800 ऐसे लोगों को नौकरी दी जा चुकी है, जिनके पास निजी संस्थानों के कंप्यूटर डिप्लोमा थे। ऐसे में उनके साथ अन्याय क्यों हो रहा है।

शेफाली ने कहा कि चयन आयोग पहले भी सरकार से ऐसे संस्थानों की सूची मांग चुका है, लेकिन सरकार के पास रिकॉर्ड ही नहीं है। गीता शर्मा ने कहा कि सरकार का कोई संस्थान डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन/कंप्यूटर साइंस/आईटी नहीं करवाता है। ऐसे में वे ऐसा डिप्लोमा कहां से करें। 

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सतीश कुमार ने कहा कि जेओए पोस्ट कोड 556 के पदों के लिए हाईकोर्ट का फैसला मान्य है। आयोग हाईकोर्ट के आदेशानुसार ही भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर रहा है।

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