टेट मेरिट से भर्ती रद्द होने पर भड़के जेबीटी प्रशिक्षु, लिया ये फैसला
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जेबीटी के 700 पदों की पुरानी भर्ती को रद्द करने का जेबीटी प्रशिक्षुओं ने विरोध किया है। प्रशिक्षुओं के अनुसार पुरानी भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। केवल परिणाम घोषित करना बाकी है। ऐसे में सरकार का भर्ती रद्द करने का आदेश मेरिट में आए हुए बेरोजगार प्रशिक्षुओं के साथ धोखा है।
जेबीटी प्रशिक्षु अमित, संतोष, शिवपाल, मनमोहन, धीरज, मुनीश, संजीव, सुमन, अजय, अंकित, हेम, संदीप, सामर्थ्य, रमन, राजेश, सुनीता, दीपक, रोमा, वंदना, गगन, बुद्धि सिंह, साक्षी, सोनू, रवि, नीतिका और बनिता ने कहा है कि यह मामला पिछले वर्ष से चला है। विभाग पदों को भरने में असफल रहा है। मामले की सुनवाई अभी उच्च न्यायालय में 8 मई को होनी है। ऐसे में सरकार को भर्ती रद्द करने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
इस आधार पर रद्द नहीं हो सकती भर्ती प्रक्रिया: प्रशिक्षु
प्रशिक्षुओं का कहना है कि बीते साल 11 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी करवाई गई। इसमें शामिल होने वाले एक-एक प्रशिक्षु का करीब 12 से 15 हजार रुपये खर्च हुआ है।
उन्होंने कहा कि काउंसलिंग प्रक्रिया 31 जुलाई को पूरी कर ली गई थी। पुराने नियमों को 30 अगस्त 2017 को निरस्त किया गया। नए नियम 22 सितंबर 2017 को बनाए गए। उन्हें राजपत्र में 29 सितंबर को शामिल किया गया। ऐसे में नए नियम पुरानी अधिसूचना पर लागू नहीं हो सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट अपने एक फैसले में यह स्पष्ट भी कर चुका है। इस आधार पर उच्च न्यायालय इस भर्ती प्रक्रिया को रद्द नहीं कर सकता है। प्रशिक्षुओं ने कहा कि अगर यह भर्ती रद्द होती है तो जेबीटी प्रशिक्षु विरोध में आंदोलन करेंगे। शिमला में आत्मदाह भी किया जा सकता है।