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जेबीटी भर्ती का रिजल्ट जानी न होने से टेट मेरिट प्रशिक्षुओं में रोष

Tue, 05 Jun 2018 09:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Tue, 05 Jun 2018 09:59 AM IST
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jbt recruitment result not declared after 10 month of counselling

जेबीटी के 700 पदों पर टेट मेरिट आधार पर हुई काउंसिलिंग का परिणाम 10 माह बीत जाने के बाद भी नहीं घोषित किया गया है। इसके कारण टेट मेरिट प्राप्त प्रशिक्षुओं ने सरकार और विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त किया है।

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उनका कहना है कि यदि टेट मेरिट आधार पर ली गई काउंसिलिंग रद्द की तो सुप्रीम कोर्ट दरवाजा खटखटाएंगे। गौरतलब है कि 2017 में शिक्षा विभाग ने 700 पदों के लिए टेट मेरिट आधार पर विज्ञापन जारी करके 11 से 31 जुलाई तक काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी करवा ली है।
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इसमें एक-एक प्रशिक्षु का लगभग 12 से 15 हजार का खर्च भी हुआ है। बहुत से प्रशिक्षुओं ने अपनी नौकरियां छोड़ इस प्रक्रिया में भाग लिया था। दस माह के बाद भी रिजल्ट घोषित नहीं किया गया है।

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टेट मेरिट प्रशिक्षुओं अमित शर्मा, शिव राज, अमित ठाकुर, मुकेश प्रसाद, टिर्थी प्रसाद, तीर्थ राज, विद्यासागर, पवन, संजू राणा, संतोष का कहना है कि 2012 में टेट मेरिट आधार पर बने नियमों के आधार पर ये प्रक्रिया पूरी कर ली की गई है।

विभाग ने 22 सितंबर 2017 को भविष्य में होने वाली भर्तियों के लिए नए नियम बनाए हैं। पुराने भर्ती नियम 30 अगस्त 2017 को निरस्त किए हैं। उन्हें राजपत्र में 29 सितंबर 2017 को शामिल किया गया है।

उन नए नियमों के क्लाउस 1 (2) में भी लिखा है कि यह नए राजपत्र में शामिल हो जाने के बाद से प्रवृत होंगे। फिर इस पुरानी भर्ती पर नए नियमों को लागू करने के लिए केस करने का कोई भी औचित्य नहीं बनता है। 

सुप्रीम कोर्ट भी इस संबंध में स्पष्ट कर चुका है कि भर्ती के बीच में नए भर्ती नियम लागू नहीं किए जा सकते हैं। प्रशिक्षुओं ने सरकार को चेताया है कि यदि टेट मेरिट आधार पर हुई काउंसिलिंग प्रक्रिया को रद्द कर नया विज्ञापन जारी किया गया तो सभी प्रशिक्षु न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर विवश होंगे।

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