आईटीआई की छात्राओं ने बनाया सस्ता ईको फ्रेंडली इंसीनरेटर
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इस्तेमाल किए हुए सेनेटरी नैपकिन को छिपाकर इधर-उधर फेंकने में लज्जित होने वाली छात्राओं ने देसी जुगाड़ से एक ईको फ्रेंडली इंसीनरेटर ईजाद किया है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) जोगिंद्रनगर की प्रशिक्षुओं ने मात्र 700 रुपये खर्च करके ऐसा इंसीनरेटर बनाया है जिसमें इस्तेमाल किया हुआ सेनेटरी नैपकिन पूरी तरह जल जाता है। इसके जलने से प्रदूषण भी नहीं होता है।
छात्राओं ने ट्रायल के तौर पर इसे संस्थान के शौचालय में लगाया है। संस्थान में बाहर से आने वाले लोग इसे देकर ऐसी मशीन बनाने की डिमांड करने लगे हैं। इस मशीन को घरों, कार्यालयों, विभिन्न संस्थानों और महिला शौचालयों में लगाया जा सकता है जहां पर महिलाएं आसानी से इन पैड को मशीन में डालकर नष्ट कर सकती हैं।
इस तरह तैयार किसी इंसीनरेटर
आईटीआई की छात्राओं ने नैपकिन पैड को जलाने के लिए इस मशीन को बनाने में देसी तकनीक अपनाई हैं। छात्राओं ने इसके लिए तारकोल के ड्रम को आधा काट लिया और इसके गोल दायरे में गीली मिट्टी चिपका दी।
मिट्टी के अंदर ही लोहे की रॉड और स्प्रिंग और जालियां लगाने के बाद ऊपर एक चिमनी लगा दी। इन रॉड और स्प्रिंग को बिजली से कनेक्ट किया गया है। जब इसमें नैपकिन पैड डाला गया तो मशीन बिजली के करेंट से बहुत की कम समय में पूरी तरह से नष्ट कर देती है।
और मशीन बनाने की आ रही मांग : तनुज शर्मा
आईटीआई जोगिंद्रनगर के प्रधानाचार्य तनुज शर्मा ने बताया कि छात्राओं ने इस मशीन को तैयार किया है। इस मशीन को छात्राओं के शौचालय में लगाया गया हैं। इससे अब छात्राओं को नैपकिन पैड अपने साथ बाहर नहीं ले लाने पड़ने हैं।
इनको मशीन में ही जला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक पर बहुत गहराई से काम किया है और पूरी तरह सुरक्षित है। हमें कई संस्थानों से इस मशीन को उनके लिए तैयार करने के ऑर्डर भी मिल रहे हैं।