{"_id":"58fb57374f1c1b4b168b4c04","slug":"igmc-and-tanda-pg-doctor-students-have-to-deposit-10-lakh-rupee-bank-guarantee","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज की दो टूक, पीजी छात्र जमा करवाएं बैंक गारंटी","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
मेडिकल कॉलेज की दो टूक, पीजी छात्र जमा करवाएं बैंक गारंटी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेडिकल कॉलेज आईजीएमसी में पीजी (एमडी/ एमएस) की काउंसलिंग पूरी हो गई है। काउंसलिंग के बाद इन डॉक्टरों की मेडिकल कर चयन हो गया है। आईजीएमसी में 61 और टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए 34 डॉक्टर अब अपनी सेवाएं देंगे। लेकिन सेवा देने से पहले ही सरकार के इन नियमों ने छात्रों पर पैसों का बोझ डालकर कमर तोड़ दी है।
विज्ञापन
कॉलेज प्रबंधन ने इन डॉक्टरों को एक नया पेंच फंसा दिया है, कि तीन सालों में दस लाख रुपये की बैंक गारंटी लाए वहीं आईजीएमसी के स्टूडेंट सेक्शन से भी इन छात्रों को बीते दिनों ही इक्तलाह दी गई है कि अगर आप बैंक गारंटी नहीं दे पाते है तो आपको तनख्वाह नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
कालेज के फरमान जारी होने के बाद डॉक्टरों में संशय बना है कि वह पैसों का इंतजाम करे या मरीजों को संभाले। छात्रों का कहना है कि वह इस फरमान के बाद कई बैंकों के चक्कर भी काट चुके है। लेकिन उन्हें बेरंग ही लौटना पड़ रहा है। इसके अलावा अप्रैल अंत ही पैसे जमा करवाने की अंतिम तारीख है।
विज्ञापन
ऐसे में उन्हें दर दर भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा गरीब तबके और मेहनत के बलबूते यहां पहुंचे डॉक्टरों को सबसे ज्यादा परेशानी पेश आ रही है। वहीं कुछ डॉक्टरों में रोष है कि वह अस्पतालों में मरीजों के पास सेवा दे या फिर पैसे इकट्ठे करने के लिए यहां-वहां भटके।
यह था मामला
पूरे प्रदेश भर से पीजी की काउंसलिंग के लिए छात्रों ने हिस्सा लिया था। आईजीएमसी में कमेटी ने छात्रों का चयन किया था। जिसमें कि डॉक्टरों द्वारा मेडिकल कॉलेज में बने विभिन्न विभागों में सेवाएं देनी थी।
यह कहता है बैंक
छात्रों का कहना है कि अगर वह इस तरह के मामले में लोन लेना चाहता है, तो पहले उनका फिक्स डिपॉजिट बैंक में होना चाहिए, अन्यथा उन्हें गारंटी नही दी जाएगी।
केवल एक व्यक्ति ही घर में कमाता
छात्रों का कहना है कि उनके घर में केवल एक ही व्यक्ति कमाई करता है। ऐसे में उन्हें लाखों रुपये जमा करवाना मुश्किल होगा।
इन वर्षों में यह है गारंटी
पीजी डॉक्टरों के लिए पहले वर्ष में तीन लाख, दूसरे वर्ष में तीन लाख और तीसरे वर्ष में चार लाख रुपये बैंक गारंटी देने को कहा गया है।
डिग्री रख ले अपने पास
बैंक गारंटी के बदले डॉक्टरों का कहना है कि सरकार उनकी मेहनत की डिग्री अपने पास रख ले। ताकि अगर वह अस्पताल छोड़कर जाते भी है तो उन्हें बिना डिग्री के कहीं नौकरी न मिल पाए।