बघेईगढ़ स्कूल पहुंचा बाल आयोग, बच्चों की हड़ताल खत्म
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जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बघेईगढ़ के विद्यार्थियों ने आखिरकार अपनी भूख हड़ताल स्थगित कर दी। शिमला से बघेईगढ़ स्कूल पहुंची बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने स्कूली बच्चों को आश्वासन दिया कि सात दिन के भीतर स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पद भर दिए जाएंगे।
अगर सात दिनों में स्कूल में अध्यापकों के रिक्त पद नहीं भरे गए तो आयोग की पूरी टीम अपना रिजाइन दे देगी। इस आश्वासन पर छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म करने का एलान किया। स्कूल में शिक्षक न होन से खफा विद्यार्थी पिछले 27 दिन से पढ़ाई छोड़ आंदोलन की राह पर थे।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की प्रदेश अध्यक्ष किरण धांटा, सदस्य आशुतोष गुप्ता और डॉक्टर रोशन लाल शर्मा के साथ बच्चों को मनाने मौके पर एसडीएम चुराह हेम चंद और पटवारी महिंद्र सिंह पहुंचे।
तीन घंटे लगे मनाने को, फिर हड़ताल की चेतावनी
मंगलवार को छात्रों की भूख हड़ताल का तीसरा दिन था, जबकि कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए छात्रों को 27 दिन हो चुके हैं। मंगलवार को छात्रों की भूख हड़ताल में अभिभावक भी मौजूद रहे।
टीम के सदस्यों ने स्कूली बच्चों से यह भी आग्रह किया कि जब तक स्कूल में अध्यापक नहीं आ जाते, तब तक सीनियर छात्र जूनियर छात्रों को पढ़ाएं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम इस बाबत बुधवार को जिलाधीश के साथ बैठक भी करेगी, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी, ताकि छात्रों की समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम तीन घंटे की मशक्कत के बाद बच्चों को हड़ताल खत्म करने पर राजी कर पाई। हालांकि स्कूली बच्चों ने यह भी साफ किया कि सात दिनों में अध्यापकों ने ज्वाइन नहीं किया तो वे फिर पढ़ाई छोड़ हड़ताल पर बैठ जाएंगे।