मानव संसाधन मंत्रालय ने इक्डोल को दी बड़ी राहत, लिया ये फैसला
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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और यूजीसी ने प्रदेश विश्वविद्यालय को बड़ी राहत दी है। एचपीयू के अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) को पहले की तरह चलाने की छूट दी गई है।
इसकी अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। दिल्ली में एचपीयू की लायजनिंग ऑफिसर के रूप में तैनात इक्डोल की प्रो. मल्लिका नड्डा ने इसकी पुष्टि की है।बीते दिन उन्होंने इक्डोल के पिछले दो बैच को मान्यता देने और नया बैच बैठाने को मान्यता देने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और यूजीसी के चेयरमैन डीपी सिंह से मुलाकात की।
उन्होंने इक्डोल के शैक्षणिक सत्र 2016-17 और 2017-18 के बैच को मान्यता देने के साथ सत्र 2018-19 में नया बैच बैठाने को शर्त में छूट देने का मामला उठाया।
ये है पूरा ममला
केंद्रीय मंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि स्टेट यूनिवर्सिटी को दूरवर्ती मोड से कोर्स चलाने को यूजीसी के डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो की नई शर्त से छूट दी जाएगी। इसमें यूजीसी की नैक ग्रेडिंग में 3.26 अंक होना आवश्यक किया है। यह शर्त पूरा करने को दो साल का समय दिया जाएगा।
मल्लिका नड्डा ने बताया कि यह इक्डोल संस्थान के लिए बड़ी राहत है। इक्डोल को पिछले बैच की मान्यता मिलेगी। नए सत्र में भी सभी कोर्सों के बैच बैठ सकेंगे। विवि और इक्डोल को दो साल में डेब की 3.26 अंक लेने की शर्त पूरी करनी होगी।
वर्तमान में नैक से ए ग्रेड प्राप्त एचपीयू के 3.21 अंक हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह नए नियम निजी विश्वविद्यालयों में गलत ढंग से डिग्रियां देने के मामले रोकने और उच्च शिक्षा में दूरवर्ती मोड से दी जा रही शिक्षा में सुधार के लिए लागू किए गए हैं।