फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   hpu shimla under graduate classes new syllabus prepared

यूजी का नया सिलेबस तैयार, दो दिन में साइट पर दिखेगा

Wed, 11 Jul 2018 12:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 11 Jul 2018 12:38 PM IST
विज्ञापन
hpu shimla under graduate classes new syllabus prepared

यूजी नए सत्र में पढ़ाई के लिए विवि ने सिलेबस तैयार कर लिया है। विभागों में हुई बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकों में तैयार स्नातक डिग्री के विषयों के सिलेबस को विवि की अकादमिक काउंसिल की स्टेंडिंग कमेटी ने मंगलवार को मंजूरी दे दी है। यहां से मंजूर हो जाने के बाद अगले दो से तीन दिन में सिलेबस पर कुलपति के हस्ताक्षर हो जाएंगे। इसके बाद इसे विवि की वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा।

विज्ञापन


मंगलवार को विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया की अध्यक्षता में हुई अकादमिक काउंसिल की बैठक में मौजूद रहे सभी फैकल्टी के डीन और अन्य सदस्यों ने सिलेबस को हरी झंडी दे दी है। नए सिलेबस के बन जाने और उसके वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के बाद कॉलेजों में नए सिलेबस के मुताबिक ही स्नातक डिग्री बीएससी, बी-कॉम और बीए की पढ़ाई करवाई जाएगी। ईयर सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया गया है। 
विज्ञापन


अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया ने माना कि बोर्ड आफ स्टडीज के हर विषय के तैयार किए सिलेबस को अकादमिक काउंसिल से मंजूरी मिल चुकी है। कुलपति के हस्ताक्षर हो जाने पर अगले दो से तीन दिन में विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। सरकार की 16 जुलाई की  तय समय सीमा से पहले हर हाल में सिलेबस कॉलेजों को मिल जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

हर विषय में 35 फीसदी अंक अनिवार्य

hpu shimla under graduate classes new syllabus prepared

इधर, आठ परीक्षाओं में छात्र को प्रति विषय न्यूनतम 35 फीसदी अंक अर्जित करना और एग्रीगेट में 40 फीसदी अंक अर्जित करने की अनिवार्य शर्त लागू की गई है। सेमेस्टर सिस्टम में हर विषय में 40 और एग्रीगेट में 45 अंक अर्जित करना जरूरी था।

बोर्ड ऑफ स्टडीज के तैयार प्रारूप के मुताबिक यूजी की डिग्री लेने के लिए 132 क्रेडिट लेना अनिवार्य है, जबकि ऑनर्स डिग्री को 148 क्रेडिट ही लेने अनिवार्य शर्त लागू रहेगी।

यूजी डिग्री के हर ईयर में होने वाली परीक्षा में दो विषयों में फे ल होने पर कंपार्टमेंट और इससे अधिक विषयों में फेल होने पर छात्र को फेल माना जाएगा। उसे दोबारा से उसी ईयर की सभी परीक्षाएं देनी होगी।

स्टेडिंग कमेटी से सिलेब्स अप्रूव हो जाने के बाद अब तीस  जुलाई को संभावित अकादमिक काउंसिल की कुलपति की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में आधिकारिक रूप से मंजूरी दिलवाई जाएगी। इसके बाद इसे ईसी से मंजूरी लेने को रखा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed