पेपर बीच में ही छोड़कर बाहर आ गए परीक्षार्थी, ये रही वजह
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स्नातक डिग्री कोर्स के पुराने ईयर सिस्टम की बीए अंतिम वर्ष की इंग्लिश की परीक्षा में सिलेबस के बाहर का प्रश्न पत्र बांटे जाने पर परीक्षार्थी परीक्षा छोड़कर बाहर निकल आए। पुराने ईयर सिस्टम के तहत हजारों की फीस चुकाकर विशेष अवसर के तहत परीक्षा देने पहुंचे इन परीक्षार्थियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने उन्हें गलत प्रश्नपत्र बांट दिया, जो सिलेबस का नहीं था।
इस कारण वे परीक्षा में आए प्रश्नों को हल नहीं कर पाए। परीक्षा छोड़कर इन परीक्षार्थियों ने विवि के परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात की और सिलेबस के बाहर से प्रश्न पत्र आने पर दोबारा परीक्षा करवाने की मांग उठाई। उधर, परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों से कहा कि प्रश्न पत्र सही सेट और प्रिंट कर बांटा गया है। इसमें विवि के स्तर पर कोई चूक नहीं हुई है।
बावजूद इसके चूंकि छात्रों ने परीक्षा आधे में छोड़ दी, तो उनकी मांग पर इसी पाठ्यक्रम में प्रश्न पत्र सेट कर दोबारा परीक्षा आयोजित करने पर विचार किया जा सकता है। परीक्षा नियंत्रक से मिले परीक्षार्थियों का कहना था कि दस से बारह हजार की फीस चुकाने के बाद परीक्षा का यह मौका दिया गया था, मगर वे प्रश्न पत्र में पूछे गए सवालों को हल करने में असमर्थ थे, चूंकि प्रश्न पत्र नए सिलेबस के मुताबिक बनाया गया था।
एचपीयू में विशेष अवसर की इंग्लिश का था पेपर
इन परीक्षार्थियों में वंदना, मीना, इंदु, हरदेई, पूजा, अलका, रेखा, बलदेव, वर्षा, सलोचना और सौरभ आदि शामिल थे। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के अलग-अलग जिलों से परीक्षा देने आए है। इसमें उनका हजारों का खर्च हुआ है। प्रश्न पत्र देकर उन्हें परीक्षा छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। इसमें विवि की चूक रही है, इसलिए उन्हें परीक्षा का दोबारा मौका दिया जाए।
विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी ने कहा कि जो परीक्षार्थी शिकायत लेकर आए थे, उन्होंने 2007-08 में बदले गए सिलेबस के मुताबिक परीक्षा की तैयारी की थी। प्रश्न पत्र 2012-13 में बदले गए स्नातक अंतिम वर्ष के लिए लागू सिलेबस में से ही सेट किया गया था।
अब यदि परीक्षा होगी तो वह भी इसी सिलेबस के मुताबिक होगी। चूंकि छात्र परीक्षा छोड़ कर बाहर आ गए थे, तो दोबारा परीक्षा करवाने और तिथि तय करने पर फैसला लिया जाएगा, जिसकी सूचना छात्रों को दे दी जाएगी।