रूसा के रिजल्ट ने रुलाए यूजी छठे सेमेस्टर के छात्र
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यूजी में लागू रूसा के रिजल्ट ने छठे सेमेस्टर के बाद पीजी में प्रवेश लेने जा रहे छात्रों को रुला दिया है। विश्वविद्यालय की यूजी परीक्षा शाखा में रोजाना कॉलेजों के सैंकड़ों छात्र लटके परीक्षा परिणाम को सेटल करवाने के लिए आ रहे हैं। यूजी कोर्स में कॉलेजों से प्रवेश और परीक्षा फार्म भरने के समय गलत जानकारी और सही मार्गदर्शन न मिलने का खामियाजा छात्रों को 600 रुपये की फीस चुकाकर भुगतना पड़ रहा है।
इससे विद्यार्थियों में रोष है। हैरानी इस बात की है कि एचपीयू के अपने यूनिवर्सिटी कॉलेज आफ बिजनेस स्टडीज के बीबीए और बीसीए कोर्स के छात्रों के परिणाम सेमेस्टर में गलत विषय चुनने के कारण लटके हुए है। उन्हें भी तीसरे सेमेस्टर में भरे एनवायरमेंट विषय को डिलिट करवाने को छह सौ रुपये फीस चुकानी पड़ रही है।
हमीपुर के अणु हमीरपुर से आए करीब एक दर्जन छात्र भी ऐसी ही गलती का खामियाजा भुगतने विवि पहुंचे थे। बैंक काउंटर पर चालान से फीस जमा करवाने को खड़े इन छात्रों ने बताया कि जनरल इंटरस्ट हॉबी विषय के रूप में चुने गए एनसीसी/एनएसएस के क्रेडिट ही उनके रिजल्ट कार्ड में शो नहीं हो रहे हैं।
कॉलेजों एचपीयू में तालमेल की कमी से परेशान हुए है छात्र
विवि और कॉलेज प्रशासन के बीच तालमेल की कमी के कारण प्रदेश भर के छात्रों का यूजी छठे सेमेस्टर का परिणाम लटका हुआ है। विश्वविद्यालय ने कॉलजों को ऐसे एक जैसी समस्या के मामले सेटल करवाने को अपने कर्मी को विवि भेजने को कहा, मगर प्रदेश भर के कॉलेज छात्रों को सीधे परेशान होने को एचपीयू भेज रहे हैं।
प्राथमिकता के आधार सेटल हो रहे परिणाम- विवि के सीओई डॉ. जेएस नेगी का कहना है कि यदि कॉलेज दिशा निर्देशों के मुताबिक एक साथ अपने कर्मी को भेज कर मामले सेटल करवाए तो इससे विवि को भी काम करना आसान होगा। उन्होंने माना कि कॉलेजों में सही जानकारी न मिलने के कारण ही छात्रों ने गलत विषय गलत सेमेस्टर में ले लिए हैं।