फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   HPU Shimla PG Clases first sem result may be delayed

लटक सकता है पीजी के छह हजार विद्यार्थियों का परिणाम

Thu, 29 Nov 2018 12:37 PM IST
नरेंद्र एस. कंवर, अमर उजाला, शिमला
नरेंद्र एस. कंवर, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 29 Nov 2018 12:37 PM IST
विज्ञापन
HPU Shimla PG Clases first sem result may be delayed

पीजी कोर्स के पहले सेमेस्टर में प्रोविजनल रोलनंबर पर परीक्षा दे रहे छात्रों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। एचपीयू ने इन्हें प्रोविजनल रोलनंबर जारी कर राहत तो दी लेकिन इनका परिणाम तभी निकलेगा जह ये पीजी एग्जाम पोर्टल के माध्यम से लॉग इन आईडी बनाएंगे। 27 नवंबर से परीक्षाएं शुरू हो गई हैं।

विज्ञापन


लॉग इन आईडी क्रिएट करने के लिए विवि छात्रों को परीक्षा के बाद अलग से समय देगा। इस दौरान औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई तो इनका परिणाम लटक जाएगा। विश्वविद्यालय ने प्राइवेट पीजी कोर्स में प्रवेश लेने वाले पहले सेमेस्टर के छात्र छात्राओं को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के लिए उनके ऑफलाइन भरे फार्म और फीस स्लिप के आधार पर प्रोविजनल रोलनंबर जारी किए हैं।
विज्ञापन


इन रोलनंबर की सेंटर वाइज लिस्ट परीक्षा केंद्रों को भेजी है। इसे विवि की वेबसाइट पर भी सार्वजनिक किया गया है। इसी के आधार ये परीक्षार्थी अब परीक्षा दे पाएंगे। विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने माना कि ऐसे करीब 6000 से अधिक छात्र और छात्राएं है, जिन्होंने ऑफलाइन परीक्षा फार्म भरे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


फार्म की छंटनी के बाद प्रोविजनल रोलनंबर दिए गए है। अब ये सभी परीक्षार्थी प्रोविजनल रोलनंबर पर ही अपनी पूरे सेमेस्टर की परीक्षा जारी रखेंगे। पोर्टल के माध्यम से लागइन आईडी बनाने को उनको अलग से  समय दिया जाएगा।

विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि जैसे ही ये छात्र लॉग इन आईडी क्रिएट करेंगे। वैसे ही इसकी ऑनलाइन जानकारी पोर्टल पर मिल जाएगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से जो प्रथम सेमेस्टर के प्रोविजनल रोलनंबर दिए गए हैं, छात्र को इसकी जगह स्थायी रोलनंबर मिल जाएगा। उसी के आधार पर वह आगे परीक्षाएं देगा। 

तीसरे सेमेस्टर पर पुराने रि-अपीयर छात्रों को नहीं समस्या 
विवि का दावा है कि पुराने पंजीकृत पीजी कोर्स के तीसरे, पांचवें सेमेस्टर के और रि-अपीयर परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को रोलनंबर की कोई समस्या नहीं है। वे अपने पुराने रोलनंबर पर ही परीक्षा दे रहे हैं। उनके फार्म भी ऑफलाइन भरे गए थे। पीजी कोर्स में वर्तमान में करीब 60,000 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed