एचपीयू ने हजारों बीएड प्रशिक्षुओं को दी बड़ी राहत
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एचपीयू ने हजारों बीएड प्रशिक्षुओं को बड़ी राहत दी है। इन छात्रों से परीक्षा फीस के रुप में एक हजार रुपये की राशि अधिक वसूल कर ली गई थी। फीस 1400 रुपये थी। जबकि, ऑनलाइन आवेदन के दौरान प्रशिक्षुओं से 2400 रुपये वसूल कर लिए गए। विवि प्रशासन ने प्रशिक्षुओं को राहत देते हुए इस राशि को अगले सेमेस्टर में जोड़ने का फैसला लिया है।
अब अगले सेमेस्टर की परीक्षा के लिए आवेदन के दौरान प्रशिक्षु एक हजार रुपये कम फीस देंगे। एग्जाम पोर्टल पर अपलोड किए गए परीक्षा फार्म में 2400 फीस की हुई चुक को सुधार कर अब फीस पहले की दरों के हिसाब से लेने का फैसला लिया गया है। फीस 1400 रुपये लेने की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने बताया कि अधिसूचना में साफ किया गया है कि बीएड की सेमेस्टर परीक्षा में 1400 रुपये ही फीस ली जाएगी। प्रदेश सरकार के फैसले के मुताबिक सॉफ्टवेयर में सुधार कर लिया गया है। अब छात्र को 2400 रुपये फीस अदा नहीं करनी पड़ेगी।
अब तक जिन बीएड प्रशिक्षुओं ने ऑनलाइन फार्म के साथ 2400 फीस चुकाई है, उनकी फीस अगले सेमेस्टर में समायोजित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ प्रथम सेमेस्टर की ऑनलाइन की गई पूरी प्रक्रिया के परीक्षा फार्म में पेश आ रही थी, तीसरे सेमेस्टर और रि-अपीयर परीक्षार्थियों को इससे कोई समस्या नहीं थी।
एसएफआई ने किया घेराव, आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग
पहले सेमेस्टर की बढ़ाई गई फीस को कम कर इसकी अधिसूचना जल्द जारी किए जाने की मांग को लेकर सोमवार को एसएफआई की विवि इकाई ने परीक्षा नियंत्रक का घेराव भी किया। जिस पर परीक्षा नियंत्रक ने छात्र संगठन प्रतिनिधियों से कहा कि इसकी अधिसूचना देर शाम तक जारी कर दी जाएगी।
इस दौरान एसएफआई नेताओं ने कहा कि धर्मशाला में बीएड संस्थान और एचपीयू कैंपस के शिक्षा विभाग के छात्रों से पहले ही प्रवेश के समय परीक्षा फीस ली जा चुकी है, उन्हें कोई अलग से फीस जमा करवाने की जरूरत नहीं।
जिन्होंने बढ़ी फीस दी है, उसे अगली फीस की कि स्त में समायोजित कर दिया जाएगा। इकाई अध्यक्ष गौरव नाथन और सचिव जीवन ठाकुर ने कहा कि बढ़ाई गई फीस के कारण छात्र परेशान हुए हैं, इसलिए परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि को दस जनवरी से आगे बढ़ाया जाए।