फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   hpu shimla degree under credit system

HPU Shimla: सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने पर भी क्रेडिट पर ही देनी होगी डिग्री

Sun, 10 Jun 2018 01:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Sun, 10 Jun 2018 01:24 PM IST
विज्ञापन
hpu shimla degree under credit system

रूसा के तहत एचपीयू को डिग्री कोर्स में यूजी डिग्री कोर्स में यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुरूप ही नियम तय करने होंगे। स्नातक डिग्री कोर्स के लिए गाइडलाइंस के बाहर जाकर रेगुलेशन और पाठ्यक्रम बनाया या इससे चूक हुई तो विवि की मान्यता पर संकट मंडरा सकता है।

विज्ञापन


इससे एचपीयू से डिग्री कोर्स कर रहे छात्रों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। छात्रों को अन्य विश्वविद्यालयों में पीजी कोर्स में प्रवेश लेने अथवा उक्त डिग्री के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने में भी दिक्कत हो सकती है। 
विज्ञापन


यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार यूजी डिग्री देने के लिए तीन साल में 132 क्रेडिट की अनिवार्यता वार्षिक परीक्षा प्रणाली शुरू करने के बाद भी जारी रखनी पड़ेगी। ऑनर्स के लिए 148 न्यूनतम क्रेडिट्स पर ही डिग्री देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे छात्र तीन साल में होने वाली विभिन्न कोर्स की परीक्षा में अंक और क्रेडिट्स लेकर पूरी कर पाएंगे। हर विषय की परीक्षा के लिए क्रेडिट पहले ही तय करने पड़ेंगे। एक कोर्स परीक्षा में छह से अधिक क्रेडिट नहीं दिए जा सकते। इन्हीं क्रेडिट्स, लेटर ग्रेड पर डिग्री में प्राप्त सीजीपीए (क्यूमिलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) और डिग्री की श्रेणी तय होती है।

विवि इन नियमों में देता है डिग्री

hpu shimla degree under credit system

अब तक सेमेस्टर सिस्टम में यूजी में यूजीसी की 2016 की जारी गाइडलाइन के मुताबिक प्रदेश विश्वविद्यालय छह सेमेस्टर में न्यूनतम 132 क्रेडिट पूरे होेने पर स्नातक की डिग्री दे रहा है। ऑनर्स डिग्री 148 क्रेडिट पर दी जा रही है। एचपीयू तय नियमों के मुताबिक हर सेमेस्टर में कोर्स के आधार पर लेटर ग्रेड प्वाइंट, ग्रेड प्वाइंट और क्रेडिट प्वाइंट देता है।

सेमेस्टर में ऐसे होता है क्रेडिट वितरण- छह सेमेस्टर के ग्रेड प्वाइंट और क्रेडिट को तय फार्मूला लगाकर डिग्री का सीजीपीए तय किया जाता है। छात्र प्रति सेमेस्टर चार परीक्षाएं देकर कुल 24 क्रेडिट पूरे करते हैं।

सभी सेमेस्टर में डिस्पिलन स्पेसिफिक कोर्स पढ़ता है, तीसरे से छठे सेेमेस्टर तक एसईसी (कौशल विकास कोर्स ), पांचवें और छठे सेमेस्टर में अंतर संकाय जेनेरिक इलेक्टिव और पहले से चौथे सेमेस्टर तक कंपलसरी कोर्स पढ़ता है, उसकी परीक्षा देता है।

दो अनिवार्य भाषा विषय, पर्यावरण विज्ञान विषय पढ़ता है। हर परीक्षा के अधिकतम छह क्रेडिट तय होते थे। कंपलसरी कोर्स के चार क्रेडिट दिए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed