यूजी कोर्स थ्योरी में इतने अंक वाला भी हो जाएगा अब पास
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एचपीयू ने यूजी डिग्री कोर्स में पेपर पास करने के लिए 45 फीसदी अंक की शर्त में ढील देकर इसे 40 कर दिया है। साथ ही इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी में 70:30 के अनुपात में 35-35 फीसदी अंक अर्जित करने की शर्त भी हटा दी है। इससे अब थ्योरी में भले ही छात्र के 12 अंक हों, मगर इंटरनल असेसमेंट में वह 28 अंक लेकर परीक्षा पास हो जाएगा। विवि प्रशासन के इस फैसले पर कॉलेज शिक्षक आपत्ति जता रहे हैं।
इनका मानना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता खतरे में पड़ सकती है। विवि प्रशासन इस पर पुनर्विचार कर इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी पास करने को 35 फीसदी न्यूनतम अंक की शर्त जारी रखे। विवि की 14 जून को जारी अधिसूचना के मुताबिक पेपर में एग्रीगेट 40 फीसदी अंक लेने वाले विद्यार्थी पास माने जाएंगे।
अधिसूचना के बाद बैठे यूजी सीबीसीएस के दो सत्र के बैच के साथ बीते सत्र में शुरू हुए ईयर सिस्टम पर लागू रहेगी। छात्र को सिर्फ सीसीए (असेसमेंट) ईएसई (एंड सेमेस्टर एग्जाम) में 40 फीसदी अंक लेने होंगे। प्रैक्टिकल के अंक अलग से दिए जाएंगे।
प्रदेश महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ने विवि को इस छूट पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है। कहा कि ऐसे में छात्र पढ़ाई करना छोड़ देंगे। सिर्फ इंटरनल असेसमेंट में अंक लेकर पेपर पास कर डिग्री ले लेंगे।
संघ के अध्यक्ष धर्मवीर ठाकुर और सचिव रामलाल शर्मा ने कहा कि संघ डिग्री पूरी करने को हर विषय में न्यूनतम प्राप्तांक 45 से 40 फीसदी करने का स्वागत करता है, लेकिन हर पेपर को पास करने के लिए इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी में न्यूनतम 35 फीसदी अंक लेने की शर्त जारी रखी जाए।
रि-असेसमेंट के लिए खोला पोर्टल
कॉलेज शिक्षकों के लिए 2016-17, 2017-18 यूजी बैच के लिए रि-असेसमेंट के लिए पोर्टल खोल दिया गया है। रि-असेसमेंट दोबारा संभव ही नहीं होती, चूंकि इसमें 5 अंक हाजिरी के, 15 अंक मिड टर्म एग्जाम तो 10 अंक सेमेस्टर में करवाए गए सेमीनार तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के दिए जाते थे।