तकनीकी खामी से नहीं हुए गणित में 2000 विद्यार्थी फेल, एचपीयू की जांच में खुलासा
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यूजी के पांचवें सेमेस्टर की गणित परीक्षा में एक साथ फेल हुए दो हजार से अधिक विद्यार्थियों का मामले को सुलझाने में अभी समय लग सकता है। एचपीयू अभी यूजी के छठे सेमेस्टर का परिणाम जून के अंत तक निकालने के प्रयास में जुटा है।
इसके बाद ही इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, विद्यार्थियों के एक साथ फेल होने का मामला उठाए जाने के बाद विवि ने प्रारंभिक जांच करवाई है। इसमें अवार्ड एंट्री, सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी या परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं पाई गई है।
परीक्षा विंग के सहायक कुलसचिव स्तर के इवेल्यूएशन, परीक्षा शाखाओं के अधिकारियों, कंप्यूटर प्रोग्रामर और कंप्यूटर सेक्शन के विभाग स्टाफ ने अवार्ड एंट्री की प्रक्रिया की जांच की है।
इसमें पाया गया कि इसी परीक्षा में नौ ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिन्होंने 70 में से 70 अंक भी अर्जित किए हैं। अब विवि गणित विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की अपने विषय विशेषज्ञों से मूल्यांकन करवाएगा। यह छठे सेमेस्टर का परिणाम घोषित होने के बाद ही संभव हो पाएगा।
छठे सेमेस्टर का परिणाम इस माह अंत घोषित करना है प्राथमिकता-सीओई
जुलाई में यूजी के पास आउट होने वाले छठे सेमेस्टर के बैच का परिणाम घोषित करना प्राथमिकता है। छठे सेमेस्टर के 40 हजार विद्यार्थियों का परिणाम समय से घोषित करना प्राथमिकता रहेगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि विवि जून अंत तक यूजी के छठे सेमेस्टर का परिणाम निकालने की तैयारी कर रहा है।
पांचवें सेमेस्टर के गणित विषय की परीक्षा का विवाद सुलझाने को उत्तर पुस्तिकाएं विवि मंगवाई गई हैं। इनमें से कुछ का मूल्यांकन करवाकर पता लगाया जाएगा कि मूल्यांकन में खामी तो नहीं है। विवि के स्तर पर इस परिणाम में कोई खामी नहीं पाई गई है।