एचपीयू ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, पहली बार मिला ए ग्रेड
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने दोहरी छलांग लगाकर इतिहास रच दिया है। यूजीसी की नैक ग्रेडिंग में पहली बार एचपीयू ने ए ग्रेड हासिल किया है। प्रदेश विवि बी से सीधे ए ग्रेड में पहुंच गया है। शनिवार को यूजीसी नैक स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में ये फैसला लिया गया है। नैक की वेबसाइट में भी एचपीयू को ए ग्रेड लिस्ट कर दिया गया है।
एचपीयू में छात्र हिंसा के बीच तीन से छह अक्तूबर तक नेक टीम के दौरे की रिपोर्ट के आधार पर विवि को यह ग्रेड मिला है। विश्वविद्यालय ने एक साथ दो ग्रेड बी प्लस और बी प्लस-प्लस का जंप लगाकर 3.21 सीजीपीए अंक प्राप्त कर ए ग्रेड हासिल किया। वर्तमान में हिमाचल विवि का ग्रेड ग्रेड बी था।
एचपीयू ने 1970 में अस्तित्व में आने के बाद पहली बाद एक साथ दो ग्रेड की छलांग लगाई है। इस उपलब्धि से जहां विवि रुतबा बढ़ा है, वहीं अब एचपीयू की डिग्री की वैल्यू बढ़ेगी और प्लेसमेंट के लिए भी नामी कंपनियां यहां आएंगी। यूजीसी से मिलने वाली ग्रांट और अन्य सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी।
पोटेंशियल एक्सीलेंस के लिए पात्रता
यूजीसी से विकास के लिए 5 साल में मिलने वाली रूटीन ग्रांट 8.50 करोड़ से दोगुनी हो जाएगी। अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए अब आसानी से फंडिंग होगी। मौजूदा समय में विवि के पास 34 के करीब विभाग और सैकड़ों सरकारी-निजी कॉलेज संबद्ध हैं।
ए ग्रेड मिलने से यूजीसी की यूनिवर्सिटी विद पोटेंशियल एक्सीलेंस के लिए भी एचपीयू पात्र होगा। विवि अब इसके लिए आवेदन कर सकेगा। इसके तहत विवि को सीधे एक करोड़ का अनुदान मिल सकता है।
वर्ष 2009 में गिरा था विवि का ग्रेड
2003 में विवि बी प्लस ग्रेड था। 2009 में हुई नेक की ग्रेडिंग के दौरान बढ़ने के बजाय ग्रेड गिर गया था। विवि बी प्लस से बी पर पहुंच गया था। अब बी से सीधे दो पायदान की छलांग लगाकर ए ग्रेड पा लिया है।