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एचपीयू ने हजारों विद्यार्थियों को दिया री-असेसमेंट का मौका
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Sun, 25 Mar 2018 12:42 PM IST
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने प्रदेश में 2016 से पहले के यूजी डिग्री कोर्स के बैच को आंतरिक मूल्यांकन (सीसीए/आईए) दोबारा करने के लिए बड़ी राहत दी है। शैक्षणिक सत्र 2015-16 के लिए दी गई छूट का प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को लाभ होगा।
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आंतरिक मूल्यांकन के कारण लटके उनके परीक्षा परिणाम घोषित हो सकेंगे। आंतरिक मूल्यांकन दोबारा किए जाने से उनके नतीजे तैयार किए जा सकेंगे। कॉलेजों से ऐसे छात्र जिनकी इन तीन बैच में आंतरिक मूल्यांकन इंटरनल असेसमेंट या सीसीए नहीं हो पाई है, वे अब कॉलेज करवाकर भेज सकेंगे।
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2013-14, 2014-15 और 2015-16 के छात्र विभिन्न सेमेस्टर के वांछित सेमेस्टर में पुनर्मूल्यांकन करवा सकेंगे।
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इंटरनल असेसमेंट में फेल छात्रों की कॉलेज री-असेसमेंट कर सकेंगे। इसके विवि पहुंचने पर छात्रों का परिणाम तैयार होगा। इसका लाभ सिर्फ उन छात्रों को होगा, जो सेमेस्टर की हुई विभिन्न विषयों की परीक्षाओं में उत्तीर्ण हैं, मगर इंटरनल असेसमेंट में फेल थे, कॉलेज दोबारा उनकी इंटरनल असेसमेंट कर भेजेंगे।
अधिसूचना में साफ किया है कि सीबीसीएस की नियमावली को लेकर हुई बैठक की क्रम संख्या नौ में हुए फैसले के मुताबिक यह पहले सिर्फ यूजी के 2016 के बैच के लिए दी गई थी। उस समय रूसा सीबीसीएस के तहत सेमेस्टर परीक्षाओं और सीसीए/आईए के नियम ऑर्डिनेंस में शामिल नहीं किए थे।
क्या कहते हैं परीक्षा नियंत्रक
विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि 2013 से 2016 तक यूजी बैच के तहत कोर्स करने वाले हजारों छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। यह छूट 2016 के बाद शुरू हुए किसी भी बैच को नहीं मिलेगी।
सीबीसीएस शुरू करने के समय ऑर्डिनेंस में नियम शामिल न होेने के कारण यह छूट सिर्फ जिन कॉलेजों से इंटरनल असेसमेंट दोबारा करवाकर भेजने के मामले विवि आए थे, उन्हें ही दी गई थी। इसी के आधार पर अन्य छात्रों को भी इसका लाभ देने के लिए री-असेसमेंट की छूट दी गई है।