HPU ने हजारों छात्रों को दी राहत, पर्यावरण विज्ञान सीसीए से बाहर
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आयोजित कॉलेज विकास परिषद की बैठक में हजारों छात्रों को राहत देने का बड़ा फैसला लिया गया। प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कॉलेजों में रूसा सीबीसीएस के तहत पढ़ने वाले छात्रों के लिए अनिवार्य पर्यावरण विषय को सीसीए (सतत् समग्र मूल्यांकन) से बाहर करने का बड़ा फैसला लिया गया। वर्तमान में चल रहे दूसरे सेमेस्टर से इसे लागू कर दिया जाएगा।
इस फैसले को अंतिम मंजूरी के लिए विवि ईसी में मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद इसे प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। दरअसल कॉलेजों में उक्त विषय को पढ़ाने वाले शिक्षक न होने के कारण यह फैसला लिया गया। अब इस विषय की 70:30 अनुपात में सेमेस्टर परीक्षा और मूल्यांकन न कर सीधे सौ अंक की परीक्षा होगी।
इसमें प्राप्तांक अंक के आधार पर ही क्रेडिट्स आंकलन कर डिग्री में शामिल कर दिया जाएगा। स्थायी शिक्षकों की भर्ती होने तक यही व्यवस्था रहेगी। चूंकि यह विषय डिग्री के लिए पास करना अनिवार्य है। विषय को पढ़ाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अस्थायी शिक्षक तैनात कर शिक्षण कार्य करवाने को हरी झंडी दी। कॉलेजों में भूगोल और विज्ञान विषय हैं, वहां इन विषयों के शिक्षक छात्रों को पढ़ाएंगे।
रूसा सीबीसीएस के तहत यूजी कक्षा की परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने को बने कैलेंडर पर अमल करेगा, ताकि छात्रों को समय से परीक्षा परिणाम मिल सके। परीक्षा संचालन और मूल्यांकन के लिए प्रदेश भर के कॉलेजों को कलस्टर स्थापित करने, मूल्यांकन के लिए हर शिक्षक को दस दस दिन अनिवार्य करने का निर्णय भी हुआ।
बैठक में सभी संकाय में मूल्यांकन में एकरूपता लाने को परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट 70:30 में ही करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में विवि के कुलसचिव डा. पंकज ललित, परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी कॉलेज विकास परिषद के अधिष्ठाता, प्रो. एसएस चौहान ने पिछली बैठक की कार्यसूची को रखो।
विवि को ए ग्रेड मिलने पर दी बधाई
प्रति कुलपति ने एचपीयू को नैक द्वारा ‘ए’ ग्रेड दिए जाने पर मौजूद सदस्यों को बधाई दी। चौहान ने कहा कि प्रति कुलपति कॉलेज शिक्षकों से यह भी आग्रह किया कि कैशलेस प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कॉलेजों को भी प्रयास करने की बात की, ताकि छात्रों को सुविधा मिले।
ये भी हुए परिषद की बैठक में फैसले
कॉलेज विकास परिषद ने उत्तर पुस्तिकाओं की मूल्यांकन दरों को बढ़ाने के मामले को विश्वविद्यालय की वित्त समिति में लेकर जाने का निर्णय लिया। कॉलेजों में पर्यावरण कोर्स को पढ़ाने को शिक्षकों की भर्ती का मामला सरकार को भेजने, महाविद्यालय के खेलकूद
गतिविधियों के लिए शिक्षकों की भर्ती व अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की अनुशंसा सरकार को भेजने के साथ ही परिषद ने प्रदेश में इक्डोल के अध्ययन केन्द्र खोले जाने की अनुशंसा की।
कॉलेज प्राध्यापक पीएचडी पर्यवेक्षक मामले पर बनाई समिति
बैठक में विवि ईसी के कॉलेज प्राध्यापकों को पीएचडी पर्यवेक्षक बनाए जाने के फैसले को लागू करने को अधिष्ठाता अध्ययन की अध्यक्षता में समिति बनाई।
कमेटी एक माह में अपनी रिपोर्ट और अनुशंसा कुलपति को देगी, उसी के आधार पर फैसला लागू किया जाएगा। कमेटी में प्रो. एमएस चौहान, प्रो. चमन चन्दन, डा. कृष्ण वैद्य, डा. राम लाल शर्मा सदस्य होंगे, जबकि प्रो. एसएस चौहान समिति के सदस्य सचिव होंगे।