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एमसीए और बीटेक में घटा रुझान, सरकारी कॉलेजों में ही सीटें खाली
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Wed, 16 Aug 2017 12:13 PM IST
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हिमाचल प्रदेश तकनीकी महाविद्यालय के अधीन चल रहे चार दर्जन से अधिक महाविद्यालयों में इस बार दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या में भारी गिरावट आई है। सरकारी क्षेत्र में चल रहे राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में एमसीए की 60 में से 17 सीटें और ऊना में 60 में से 30 सीटें खाली रह गई हैं।
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यही हाल जवाहर लाल नेहरू इंजीनियरिंग महाविद्यालय सुंदरनगर में टेक्सटाइल में रहा। यहां टेक्सटाइल की 60 सीटों में से 24 सीटें खाली रह गई हैं, जबकि प्रदेश के कई प्राइवेट महाविद्यालयों का खाता भी नहीं खुला है। इंजीनियरिंग और एमसीए में घटते रुझान से प्राइवेट महाविद्यालयों की चिंता बढ़ गई है।
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तकनीकी विवि ने अपने सभी सरकारी और प्राइवेट इंजीनियरिंग, एमबीए, एमसीए, बी-फार्मेसी और एम-फार्मेसी में दाखिले के लिए सबसे पहले तीन चरणों में काउंसलिंग का आयोजन किया, लेकिन इससे सरकारी क्षेत्र में 50 फीसदी सीटें खाली रह गईं।
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इन सीटों और प्राइवेट सीटों को भरने के लिए विवि ने अगस्त माह के पहले सप्ताह में स्पॉट राउंड एडमिशन का आयोजन किया। इससे सरकारी महाविद्यालयों में बी-फार्मेसी, एम-फार्मेसी, एमबीए की सीटें ही भरी जा सकीं, जबकि एमसीए और टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की सीटें नहीं भरी जा सकीं। सबसे अधिक परेशानी में प्रदेश के प्राइवेट महाविद्यालय हैं।
एमबीए में दाखिला लेने आए 100 बच्चे लौटे
हिप्र तकनीकी विवि के अधीन चल रहे सरकारी क्षेत्र के तीन महाविद्यालय में एमबीए में काफी क्रेज देखने को मिला। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला, राजकीय महाविद्यालय ऊना और राजीव गांधी इंजीनियरिंग महाविद्यालय नगरोटा बगवां में एमबीए की सारी सीटें भर गई हैं।
धर्मशाला और ऊना कॉलेज में 60-60 सीटें हैं, जबकि नगरोटा बगवां में 40 सीटें स्वीकृत हैं। स्पॉट राउंड एडमिशन को आए करीब 100 बच्चे सीटें फुल होने से मायूस होकर लौट गए।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एवं डीन अकादमिक डॉ. एनएन शर्मा ने कहा कि एमबीए में सबसे अधिक क्रेज देखने को मिला। तीन सरकारी महाविद्यालयों में एमबीए की सारे सीटें भर गई हैं, लेकिन एमसीए और बीटेक टेक्सटाइल की कुछेक सीटें खाली रह गई हैं। प्राइवेट महाविद्यालयों में भी सीटें खाली हैं।