फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   HPTU HAMIRPUR made changes for downloading exams admit card

अब परीक्षार्थी खुद डाउनलोड नहीं कर सकेंगे एडमिट कार्ड

Sat, 25 Nov 2017 05:27 PM IST
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Sat, 25 Nov 2017 05:27 PM IST
विज्ञापन
HPTU HAMIRPUR made changes for downloading exams admit card

हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने कॉलेज से बंक मारने वाले और शुल्क का भुगतान नहीं करने वाले विद्यार्थियों पर शिकंजा कसते हुए वार्षिक परीक्षाओं के एडमिट कार्ड आवंटन में बड़ा फेरबदल किया है। अब परीक्षार्थी पूर्व की भांति स्वयं तकनीकी विवि की वेबसाइट से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर पाएंगे।

विज्ञापन


एडमिट कार्ड डाउनलोडिंग की शक्तियां महाविद्यालिय के प्राचार्यों को दे दी गई हैं। इससे पूर्व वार्षिक परीक्षाओं से एक हफ्ता पहले परीक्षार्थी खुद यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड करते थे और संबंधित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे सकते थे। 28 नवंबर से शुरू होने वाली बीटेक, बी-फार्मेसी, एमबीए और एमसीए के पहले, तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर के रेगुलर स्टूडेंट्स के लिए यह नियम लागू होंगे।
विज्ञापन


इससे पहले पुरानी व्यवस्था के कारण कॉलेज कक्षाओं से बंक मारने वाले, कम उपस्थिति वाले और जुर्माना राशि का भुगतान नहीं करने वाले विद्यार्थी भी परीक्षा दे सकते थे। इसके अलावा कॉलेज पुस्तकालय की किताबें नहीं लौटाने वाले व अन्य प्रकार के शुल्क का भुगतान नहीं करने वाले विद्यार्थियों के कारण कॉलेज प्रबंधन को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस बार नो ड्यूज सर्टिफिकेट जमा करवाने के बाद विद्यार्थियों को कॉलेज प्रिंसिपल से अपने एडमिट कार्ड लेने के बाद परीक्षा देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब परीक्षार्थी खुद तकनीकी विवि की वेबसाइट से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। एडमिट कार्ड डाउनलोडिंग की शक्तियां महाविद्यालिय के प्राचार्यों को दे दी गई हैं। इससे पूर्व वार्षिक परीक्षाओं से एक हफ्ता पहले परीक्षार्थी खुद यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड करते थे। इसके चलते कॉलेज में शुल्क समेत अन्य भुगतान नहीं करने वाले विद्यार्थी बच जाते थे। -डा. वीपी पटियाल, परीक्षा नियंत्रक


प्रदेश के 44 कॉलेजों में करीब सात हजार विद्यार्थी
प्रदेश में इंजीनियरिंग के 17 कॉलेज, फार्मेसी के 16, एमबीए के 8, एमसीए के 3 समेत कुल 44 महाविद्यालय हैं। इन महाविद्यालयों में करीब सात हजार विद्यार्थी टेक्निकल एजूकेशन हासिल कर रहे हैं। प्रदेश में चल रहे इंजीनियरिंग कॉलेजों में सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और आटोमाबाइल में इंजीनियरिंग होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed