{"_id":"58fa38154f1c1b8e338b4b13","slug":"hptu-directions-to-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"HPTU: खामियां दूर करो नहीं तो सीटों में होगी कटौती","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
HPTU: खामियां दूर करो नहीं तो सीटों में होगी कटौती
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sat, 22 Apr 2017 08:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय ने प्रदेश के सभी 43 संबद्ध महाविद्यालयों को अपनी कमियां दूर करने के फरमान जारी किए हैं। विवि ने सख्त लहजे में कहा है कि जो महाविद्यालय कमियों को दूर नहीं करेगा, उसकी सीटों में कटौती की जाएगी। विवि के कैंपस में सभी प्राइवेट महाविद्यालयों के संबद्धता से संबंधित दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया भी शुरू है।
विज्ञापन
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन की ओर से निर्धारित मापदंड को पूरा नहीं करने वाले महाविद्यालयों की सीटें कम होंगी। विवि ने बीते वर्ष भी मापदंड पूरा नहीं करने पर करीब आधा दर्जन महाविद्यालयों की बीटेक, फार्मेसी, एमबीए और एमसीए की लगभग 1500 सीटों पर कैंची चलाई थी।
विज्ञापन
प्रदेश में संचालित सभी महाविद्यालयों को हर वर्ष तकनीकी विवि से प्रोविजनल एफिलेशन लेनी होती है। संबद्धता प्रदान करने से पूर्व तकनीकी विवि की कमेटियां प्रदेशभर के महाविद्यालयों में जाकर आधारभूत ढांचा और फैकल्टी समेत अन्य सुविधाओं की जांच करती हैं। निरीक्षण कमेटियों की जांच रिपोर्ट के बाद बोर्ड ऑफ एफिलेशन की बैठक में इन जांच रिपोर्टों पर निर्णय लिए जाते हैं।
विज्ञापन
हिप्र तकनीकी विवि के डीन एकेडमिक डा. एनएन शर्मा ने कहा कि विवि ने सभी महाविद्यालयों को 10 जनवरी तक मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन का समय दिया था। इसके बाद 31 कमेटियों का गठन कर महाविद्यालयों का निरीक्षण किया गया। अब बोर्ड ऑफ एफिलेशन में जांच रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय लिए जाएंगे। विवि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। निर्धारित मापदंड पूरा नहीं करने पर सीटें कम की जा सकती हैं।