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तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सम्मान पाकर चहक उठे मेधावी
Thu, 28 Nov 2019 06:08 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 28 Nov 2019 06:08 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एनआईटी हमीरपुर का सभागार... अंदर बैठे मेधावियों के चेहरों की चमक देखते ही बन रही थी। चेहरे पर चमक भी क्यों न हो, आखिर इन्हें मेहनत का फल जो मिलने जा रहा था। जैसे-जैसे मेधावी डिग्री और मेडल लेने के लिए मंच की ओर जा रहे थे। पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता। मौका रहा तकनीकी विवि हमीरपुर के दूसरे दीक्षांत समारोह का।
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राज्यपाल के हाथों सम्मान पाकर मेधावी गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। इस दौरान एमटेक, बी-फार्मेसी, एम-फार्मेसी, एमबीए और होटल मैनेजमेंट समेत विभिन्न संकाय के कुल 398 मेधावियों को उपाधियां प्रदान की गईं। जिसमें 325 मेधावी स्नात्तक और 73 स्नातकोत्तर के विद्यार्थी शामिल रहे। जबकि 29 मेधावियों को उपाधियों के अलावा पदक से भी सम्मानित किया गया। इसमें स्नातक के 21 और स्नातकोत्तर के 8 मेधावी शामिल रहे।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को कुल 15 स्वर्ण, जबकि 14 को रजत पदक दिए गए। पूर्व की भांति इस बार भी सभी मेधावियों को भारतीय परिधान में सम्मानित किया गया। लड़कों के लिए कुर्ता-पायजामा और लड़कियों के लिए सलवार-कुर्ता ड्रेस कोड रहा। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने समारोह की अध्यक्षता की। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे हैं। दीक्षांत समारोह में भी देखने को मिला कि लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी हैं। उन्होंने डिग्रियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह की परंपरा नई नहीं है। प्राचीन काल से यह परंपरा चलती आ रही है। यह एक दिन होता है जो विद्यार्थियों को उम्र भर याद रहता है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से चरित्र निर्माण को महत्व देने की बात भी कही।