HPSSC: कहीं रद्द न हो जाएं हजारों अभ्यर्थियों के आवेदन
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कर्मचारी चयन आयोग की वेबसाइट पर 2965 पदों के लिए आए हजारों आवेदन रद्द हो सकते हैं। अभ्यर्थियों के आवेदन के 24 दिन बाद भी ऑनलाइन जमा करवाई गई फीस आयोग की वेबसाइट पर कन्फर्म नहीं हो पाई है। आवेदक परेशान हैं कि उन्हें कहीं फीस दोबारा न भरनी पड़ जाए। आयोग का तर्क है कि फीस को कन्फर्म करने का जिम्मा आईटी विभाग का होता है।
आयोग के अधिकारी वेबसाइट में आ रही समस्या के लिए आईटी विभाग को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं तो आईटी विभाग बैंक की कार्यप्रणाली सही न होने की बात कह रहा है। इन पदों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 15 अक्तूबर है। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों के पास छह दिन का समय है।
अभी तक जितने भी आवेदन आयोग को मिले हैं, उनमें से 50 फीसदी फीस बैंक से आयोग के खाते में जाने के बावजूद आवेदकों के फॉर्म अधूरे हैं। फीस कन्फर्म होने पर ही इन्हें आयोग एडमिट कार्ड जारी करता है।
उधर, कर्मचारी चयन आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने आईटी विभाग शिमला और बैंक प्रबंधन पर सहयोग न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन फीस खाते से डेबिट होने और उसे कन्फर्म करने के लिए आईटी विभाग को लिखित आदेश दिए हैं।
दो बार जमा की जा चुकी है फीस
उन्होंने कहा कि आवेदनकर्ता ऑफलाइन भी फीस बैंक में जमा करवा सकते हैं। इसके बाद उसे दोबारा अपडेट करवाएं। प्रधान सचिव आईटी जेसी शर्मा का कहना है कि आईटी विभाग के स्तर पर अगर कोई गलती रही है तो वे इस बारे में विभाग से जानकारी हासिल करेंगे। गलती को दुरुस्त किया जाएगा।
कोटखाई तहसील की निवासी टीजीटी के पद की आवेदक ममता शर्मा ने दो बार फीस जमा की। पहली बार 27 सितंबर को यूपीआई के माध्यम और दूसरी बार छह अक्तूबर को इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 360-360 रुपये दो बार फीस दी। अभी भी आवेदन पत्र ये नहीं दर्शा रहा है कि फीस जमा हो चुकी है।
वह चिंतित है कि फीस जमा हुई है कि नहीं। वह तीसरी बार भी फीस देने को तैयार है, मगर फिर भी उन्हें संदेह है। इन्कवायरी में भी उन्होंने फोन किया, मगर इसे नहीं उठाया गया। उन्हें मेल भी भेजा गया है। फीडबैक के ऑप्शन में भी फीडबैक नहीं जा रहा है।