केंद्र ने दी मंजूरी, ऑनलाइन परीक्षाएं लेगा लोक सेवा आयोग
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हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग अब ऑनलाइन भर्ती परीक्षाएं लेगा। केंद्रीय आईटी मंत्रालय ने 5.24 करोड़ के ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। हिमाचल में तीन साल तक पायलट प्रोजेक्ट पर काम होगा। देशभर के राज्य लोक सेवा आयोग भी इसे अपनाएंगे। एक हफ्ते में प्रोजेक्ट को लांच कर दिया जाएगा।
राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष केएस तोमर ने बताया कि हिमाचल को पायलट प्रोजेक्ट मिलने की जानकारी मंत्रालय के संयुक्त सचिव आरके सुधांशु ने दी है। उन्होंने कहा कि स्कूल लेक्चरर से लेकर एचएएस तक की चयन प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ज्यादा पारदर्शी और तीव्र बनाया जा रहा है।
प्रोजेक्ट के तहत अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षाओं के अलावा ऑनलाइन पाठ्य सामग्री भी मिलेगी। अभ्यर्थियों को किताबें खरीदने की जरूरत नहीं होगी। फाइनल परीक्षा से पहले तैयारी जांचने के लिए मॉक परीक्षाएं भी होंगी। इसके लिए सुगम और डाटाबेस केंद्र स्थापित होंगे। कलोड प्रौद्योगिकी का उपयोग भी बताया जाएगा। सर्वर के लिए अलग से लीज लाइन होगी।
ऑनलाइन एग्जाम के ये फायदे भी होंगे
इस प्रोजेक्ट को केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय सूचना एवं विज्ञान केंद्र के सहयोग से लागू किया जाएगा। प्रोजेक्ट के लिए विश्व बैंक से फंड लिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यप्रणालियों में सुधार और दक्षता के लिए सभी आयोगों को ‘कलोड अनेबल्ड मल्टी टिनेंट सिस्टम’ आधारित मॉड्यूल देगा।
इसकी पहल हिमाचल करेगा। अध्यक्ष तोमर ने बताया कि अन्य राज्यों के लोक सेवा आयोगों ने भी इसके प्रोजेक्ट के लिए गंभीर प्रयास किए, मगर हिमाचल की परियोजना रिपोर्ट की गुणवत्ता और उपयोगिता को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बेहतर पाया। आयोगों के केरल में हुए ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली अध्ययन में भी ये निष्कर्ष निकाला गया था कि ऑनलाइन परीक्षा प्रणालियों को सभी राज्य लोक सेवा आयोगों को अपनाना ही होगा।
अफसरों के प्रमोशन मामले नहीं अटकेंगे
इस प्रोजेक्ट के लागू होने से विभागीय पदोन्नति समितियों के मामलों का शीघ्र समाधान होगा। ये मामले अब अधिक समय नहीं अटकेंगे। एचएएस से लेकर निचले स्तर तक के क्लास-1 और क्लास 2 के अफसरों की प्रमोशन पारदर्शी तरीके से होगी। आयोग के पास डाटा बैंक होगा। विभाग गड़बड़ी नहीं कर पाएंगे।