युवाओं में बढ़ा डीएलएड का क्रेज, इतने हजार आवदेक देंगे प्रवेश परीक्षा
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प्रदेश में डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन) के लिए युवाओं का रुझान बढ़ रहा है। हालांकि, जेबीटी के मुकाबले डीएलएड को अभी भी ज्यादा तवज्जो युवा नहीं दे रहे हैं। डीएलएड के लिए पिछले बैच में आए आवेदनों के मुकाबले इस साल 3317 की बढ़ोतरी हुई है। जेबीटी के मुकाबले यह आंकड़ा अभी भी करीब 50 फीसदी कम है।
जेबीटी के लिए 30 से 35 हजार आवेदन आते हैं। डीएलएड प्रवेश परीक्षा के लिए 19438 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें 17933 आवेदन सही पाए गए हैं। इसके अलावा जिन अभ्यर्थियों ने अधूरे फार्म भरे हैं या फिर फीस जमा नहीं करवाई है। ऐसे अभ्यर्थियों के फार्म रद्द कर दिए गए हैं।
इसकी सूची बोर्ड की वेबसाइट www.hpbose.org पर अपलोड कर दी गई है। सूची में शामिल जिन अभ्यर्थियों ने फीस जमा करवाई है। लेकिन, इसकी सूचना बोर्ड कार्यालय को नहीं दी है। वह अभ्यर्थी 30 जुलाई तक अपनी फीस की रसीद बोर्ड कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
दो साल और नौकरी का अभाव माना जा रहा कारण
स्कूल शिक्षा बोर्ड ने डीएलएड 2018-20 के लिए प्रवेश परीक्षा की घोषणा की है। इसके लिए अभ्यर्थी 23 जुलाई तक आवेदन कर सकते थे। निर्धारित तिथि तक 19438 आवेदन आए हैं। इससे पूर्व साल 2017-19 बैच के लिए बोर्ड का मात्र 16121 आवेदन ही प्राप्त हुए थे, जिसमें इस बार 3317 की बढ़ोतरी हुई है।
डीएलएड दो साल की है। कम रूझान को यह कारण भी माना जा रहा है। एक अन्य कारण नौकरी का अभाव भी माना जा रहा है। प्रदेश में करीब दस हजार से अधिक जेबीटी/डीएलएड प्रशिक्षित युवा बेरोजगार हैं।
पांच अगस्त को डीएलएड प्रवेश परीक्षा के लिए बोर्ड ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा के लिए प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में 96 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। - डॉ हरीश गज्जू, सचिव स्कूल शिक्षा बोर्ड