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HPU: रूसा के संशोधित रिजल्ट में पास हुए 22,291 छात्र
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:00 AM IST
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एचपीयू की ओर से घोषित किए गए संशोधित परिणाम ने हजारों छात्रों को राहत दी है। रूसा सीबीसीएस के नवंबर 2015 में हुई पहले सेमेस्टर की परीक्षा के खराब रहे परीक्षा परिणाम के बाद दी गई छूट से दस फीसदी छात्रों को लाभ हुआ है।
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शनिवार को दोबारा से छूट के अनुसार तैयार किए गए परीक्षा परिणाम में दस फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे हजारों छात्रों ने राहत महसूस की है। पिछले माह घोषित किए गए परीक्षा परिणाम में कुल 40,100 अपीयर हुए छात्रों में से 44.40 फीसदी (17804) ने क्लीयर सेमेस्टर परीक्षा पास की थी। अब संशोधित परिणाम के बाद पास परसेंटेज 55.59 (22,291) फीसदी हो गई है।
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शेष छात्रों को सेमेस्टर क्लीयर करने को रि-अपीयर परीक्षा में बैठना होगा। अक्तूबर माह में वे दूसरे सेमेस्टर के साथ पहले सेमेस्टर के शेष बचे विषयों को पास करने को परीक्षा दे सकते हैं। हालांकि सेमेस्टर की इस परीक्षा में छात्र के फेल होने जैसी कोई बात नहीं होती, मगर दस फीसदी और छात्र ऐसे जुड़ गए हैं, जिनका पूरा सेमेस्टर क्लीयर हो गया है।
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सौ में से इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी परीक्षा में कुल 45 अंक लेने में सफल हुए इन छात्रों को अब पिछले सेमेस्टर के किसी भी विषय की परीक्षा दोबारा नहीं देनी पड़ेगी। हालांकि अभी भी पुराने ईयर सिस्टम के मुकाबले परीक्षा परिणाम बहुत कम है। बावजूद इसके इन हजारों छात्रों को छूट दिए जाने के बाद भारी राहत मिली है।
विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी ने माना कि कुलपति की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में परीक्षा परिणाम में सुधार और अलग अलग विषयों में 70:30 थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों में कुल 45 फीसदी अंक लेने की छूट ने छात्रों को राहत दी है।
40,100 ने दी थी परीक्षा
विवि से संबद्ध सभी निजी और सरकारी डिग्री कॉलेजों में नवंबर माह में तीसरे बैच के पहले सेमेस्टर की परीक्षा हुई थी। इसमें नए अंक विभाजन 70:30 थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट के अनुपात को 50:50 से बदलकर लागू किया गया था, वहीं इसी में इन दोनों के 45-45 फीसदी अंक लेने अनिवार्य किए गए थे। इसके चलते अधिकतर छात्र इसकी पूरी सूचना न होने और सुविधाओं के अभाव के साथ लापरवाही के चलते शर्त पूरी नहीं कर पाए और कई विषयों न्यूनतम अंक तक नहीं ले पाए। यही परिणाम खराब रहने की वजह रही।
विवि ने दी थी छात्रों को राहत
विवि ने खराब परीक्षा परिणाम के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रथम सेमेस्टर के इन छात्रों को राहत देते हुए कुल सौ में से इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी में 45 अंक अर्जित करने पर विषय में पास घोषित करने का फैसला दिया। सात सितंबर को लिए इस फैसले के बाद 17 सितंबर को विवि ने संशोधित परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया।