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पदोन्नत प्रवक्ता संघ ने आंदोलन को चेताया, ये है वजह

Tue, 06 Nov 2018 05:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 06 Nov 2018 05:16 PM IST
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hp Promoted lecturer union warned for movement against govt

पदोन्नत प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष रत्नेश्वर सलारिया ने कहा कि यदि सरकार ने संगठन की मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया तो मजबूरन उन्हें संघर्ष करना पड़ेगा। इसके लिए शीघ्र संघ की कोर कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी। संघ के प्रधान रत्नेश्वर सलारिया, महासचिव यशवीर जमवाल, वित्त सचिव महिंद्र गुप्ता, प्रदेश मीडिया प्रभारी विकास धीमान ने प्रेस बयान में कहा कि शीतकालीन विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र दिसंबर माह में समाप्त हो जाएगा, लेकिन प्रदेश में मुख्य अध्यापकों के लगभग 180 एवं प्रधानाचार्य के 250 से अधिक पद खाली हैं।लगभग 500 टीजीटी से पीजटी की पदोन्नति सूची भी कई दिनों से लंबित है। इस शैक्षणिक सत्र में न तो प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति हुई न ही मुख्य अध्यापक पद पर।

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टीजीटी से पीजीटी के पद पर पदोन्नति नहीं हुई। वर्ष 1997 का प्रवक्ता शिक्षा विभाग में 21 वर्ष की सेवाएं देने के बाद बिना किसी पदोन्नति से सेवानिवृत्त हो रहा है। वर्ष 1994 का टीजीटी शिक्षा विभाग में करीब 25 वर्ष की सेवाएं देने के पश्चात भी उसी पद से सेवानिवृत्त हो रहा है। जिला हमीरपुर प्रधान केवल ठाकुर, जिला बिलासपुर इकाई के प्रधान संजीव शर्मा, प्रधान जिला सोलन दर्शन शर्मा, प्रधान जिला शिमला राकेश शर्मा, प्रधान ऊना मोहन लाल, प्रधान जिला कांगड़ा प्रदीप धीमान, प्रधान चंबा
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कलित पुरी, प्रधान कुल्लू मनोज, प्रधान मंडी कमल शर्मा, किन्नौर के प्रधान कुलदीप नेगी और सिरमौर प्रधान अनुराधा गर्ग का कहना है कि शिक्षा विभाग मात्र 1 वर्ष के खराब परीक्षा परिणाम के कारण अध्यापकों पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनकी वेतन वृद्धि तो रोक देता है, लेकिन जो कार्य शैक्षणिक सत्र के शुरू में करने चाहिए थे, वे सत्र की समाप्ति तक भी पूरे होते प्रतीत नहीं हो रहे हैं। नियमानुसार अध्यापकों की पदोन्नति सूचियां अप्रैल माह में ही जारी हो जानी चाहिए थीं। 

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