महंगी हो गई एमबीबीएस की पढ़ाई, 67 हजार ज्यादा लगेगी फीस
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हिमाचल के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अब एमबीबीएस की पढ़ाई महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने इसी सत्र से 67 हजार रुपये फीस बढ़ा दी है। साढ़े पांच साल के कोर्स के लिए विद्यार्थियों को 1.93 लाख की बजाय 2.60 लाख रुपये चुकाने पडे़ंगे।
सरकार ने यह फीस बढ़ोतरी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित फीस रिव्यू कमेटी की सिफारिश पर की है। वर्तमान में आईजीएमसी, टांडा और नाहन मेडिकल कॉलेज की तीन सौ सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई कराई जा रही है।
सत्र शुरू होने से पहले नए कॉलेजों की फीस तय करने के लिए कैबिनेट के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में फीस रिव्यू कमेटी गठित हुई थी। इस बीच आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज की ओर से बजट और आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए फीस बढ़ाने की सिफारिश की।
कमेटी ने भी प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में समान फीस की सिफारिश कर दी। पहले साल की फीस 45 हजार से 60 हजार रुपये सालाना कर दी है। दूसरे से पांचवें साल की 37 हजार रुपये प्रति वर्ष की फीस को 50 हजार रुपये प्रति वर्ष कर दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि नए और पुराने दोनों मेडिकल कॉलेजों में यही फीस स्ट्रक्चर होगा। हालांकि, यह फीस सिर्फ नए छात्रों पर ही लागू होगी।
नए कॉलेजों में पांच लाख था फीस का प्रस्ताव
पहले चार नए मेडिकल कॉलेजों की फीस को पांच लाख रुपये रखने की तैयारी थी। आईजीएमसी और टांडा कॉलेज में फीस को 45 व 37 हजार रखने का प्रस्ताव था। फीस ज्यादा होने के चलते सरकार के भीतर ही इसे लेकर आपत्ति सामने आ गई, जिसके बाद रिव्यू कमेटी ने एक समान फीस की सिफारिश की।
अगले सत्र से शुरू होगा चंबा मेडिकल कॉलेज
वर्तमान में आईजीएमसी, टांडा और नाहन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है। चंबा मेडिकल कॉलेज और ईएसआई मेडिकल कॉलेज मंडी अगले सत्र से शुरू होने हैं। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी एमबीबीएस की सौ सीटों पर पढ़ाई होनी है।