बीएड में अब कोई भी ले सकेगा एडमिशन, खत्म हुई 35 अंकों की शर्त
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सरकार ने निजी बीएड कॉलेजों में खाली सीटें भरने के लिए प्रवेश परीक्षा में प्राप्तांक की शर्त हटा दी है। अब निजी बीएड कॉलेज नौ सितंबर 9 सितंबर तक खाली सीटें भर सकते हैं। इससे दो वर्षीय बीएड कोर्स के लिए निजी कॉलेजों में खाली रहीं करीब 3700 सीटों को भरने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार ने 20 अगस्त को जारी पत्र में बीएड प्रवेश परीक्षा में 35 फीसदी की शर्त हटा दी है। इस बाबत विवि के कुलसचिव को पत्र जारी किया है। 25 जुलाई को विवि की ओर से शर्त में छूट को इस बार भी जारी रखने पर स्थिति स्पष्ट करने को पत्र लिखा था।
इस पर प्रधान सचिव (शिक्षा) कार्यालय से संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा ने एचपीयू को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि पिछले सत्र में 12 अगस्त, 2015 को पात्रता के लिए रखी प्रवेश परीक्षा प्राप्तांक की शर्त हटा दी थी। इसे जारी रखा जा रहा है।
विवि के कुलसचिव डा. पंकज ललित ने कहा कि छूट बरकरार रखने के सरकार से आदेश अभी नहीं मिले हैं। आदेशों पर अमल किया जाएगा। सरकार ने बीएड प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर हुई प्रवेश प्रक्रिया में स्वीकृत, भरी गईं और खाली सीटों का ब्योरा मांगा था। वह भेज दिया है।
अपने स्तर पर सीटें भर सकेंगे निजी कॉलेज
सरकार के दोबारा से छूट देने के फैसले से साफ है कि निजी कॉलेज अपने स्तर पर खाली सीटें भर सकेंगे। प्रवेश परीक्षा में अपीयर होने की शर्त फिलहाल लागू रहेगी। जिस छात्र ने प्रवेश परीक्षा दी है, उसे सीधे बीएड कोर्स में प्रवेश मिलेगा। छूट से हर साल करवाई जाने वाली प्रवेश परीक्षा का महत्व सिर्फ परीक्षा ही बनकर रह गया है। इसमें मेरिट का कोई मतलब नहीं रह गया है।
नहीं बढ़ेगी प्रवेश को समयसीमा : प्रो. राणा
विवि के शिक्षा विभाग की अध्यक्ष और बीएड काउंसलिंग कमेटी की संयोजक प्रो. सुदर्शना राणा ने बताया कि छूट जारी रखने के आदेश अभी नहीं मिले हैं। यदि छूट दी है तो कॉलेजों को नौ सितंबर तक सीटें भरने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 20 से 24 सितंबर तक वेरिफिकेशन करवानी होगी। इस बार प्रवेश को समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी।
यह है प्रवेश की स्थिति
विवि की ओर से प्रवेश परीक्षा आधार पर करवाई नए सत्र की काउंसलिंग में अंतिम दिए 19 अगस्त तक कुल स्वीकृत तीनों संकाय की 6808 में से 3075 सीटें भरी जा सकीं। इनमें 3733 रिक्त रह गई थीं।