10वीं में अब नहीं सताएगा मैथ का डर, होने जा रहा है बड़ा बदलाव
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स्कूल शिक्षा बोर्ड दसवीं के गणित के पेपर का प्रारूप बदलने जा रहा है। इसमें 20 प्रतिशत अंकों के प्रश्न ऑब्जेक्टिव तरह के शामिल करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रश्नपत्र में आवश्यक संशोधन को बोर्ड ने अकादमिक शाखा को प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
अकादमिक शाखा का प्रारूप अगर बोर्ड प्रबंधन को रास आया तो साल 2017 में दसवीं, जमा दो के अन्य विषयों की तर्ज पर दसवीं के गणित पेपर का पैटर्न भी बदल जाएगा। दसवीं का वार्षिक परीक्षा परिणाम खराब रहने का बड़ा कारण गणित में बच्चों का पिछड़ना रहता है।
ऐसे में अगर गणित के पेपर में ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल शामिल किए जाते हैं तो हजारों छात्रों को लाभ होगा। गणित विषय में मूल्यांकन का स्तर भी सुधरेगा। बच्चों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी कम होगा। इससे बोर्ड के विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्रों के पैटर्न में भी एकरूपता बनी रहेगी।
इस मुद्दे को लेकर विज्ञान अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बोर्ड सचिव डा. विशाल शर्मा से मुलाकात कर दसवीं कक्षा के गणित पेपर में संशोधन की मांग की। संघ ने गणित विषय के नए पैटर्न के प्रस्तावित प्रश्नपत्रों के नमूने भी बोर्ड अधिकारियों को दिए।
शिक्षकों ने बोर्ड को दिए सुझाव
प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज पाल सिंह परिहार का कहना है कि दसवीं और जमा दो के सभी विषयों में ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों का प्रावधान रहता है। इसी तर्ज पर दसवीं के गणित विषय में भी प्रावधान होना चाहिए।
विज्ञान अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल में संघ के राज्य अध्यक्ष अजय शर्मा, महासचिव अमृत महाजन, अनुप्रिया, शालू परमार, प्रवीण सिंह, सुरेंद्र कश्यप, अशोक चौधरी, राजीव राठौर, अभिमन्यु ठाकुर, नरेश शर्मा, लाल चंदेल, राजेंद्र वर्मा, मुकेश, दीपेश, रणधीर बरवाल, सुशील चौहान, गणेश नेगी, मोहन शर्मा, सिकंदर, हरीश गुप्ता, सतीश जिस्पा, नरेंद्र शर्मा, भीम सिंह ठाकुर, दीप गौतम, लच्छी ठाकुर और हरीश गुप्ता शामिल रहे।
अकादमिक शाखा को गणित के पेपर में ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल जोड़ने का प्रारूप तैयार करने को कहा है। मामले को एग्जामिन किया जाएगा। शाखा ने अगर छात्र हित में ऑब्जेक्टिव सवाल जोड़ने की सिफारिश की तो पेपर का पैटर्न बदल दिया जाएगा।- डा. विशाल शर्मा, सचिव स्कूल शिक्षा बोर्ड