बाहरी राज्यों में पढ़े हिमाचली स्टेट कोटे से कर सकेंगे एमबीबीएस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाहरी राज्यों में प्राइवेट नौकरी या कारोबार कर रहे हिमाचलियों के बच्चे स्टेट कोटे से एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश ले सकेंगे। हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के बीते 14 जून के फैसले को पलटते हुए याचिकाकर्ताओं को फिलहाल मौजूदा शैक्षणिक सत्र में दाखिले के लिए अनुमति देने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने आदेश जारी कर प्रदेश सरकार और हिमाचल विश्वविद्यालय से एक हफ्ते में जवाब मांगा है। यह याचिका
प्रदेश कोटे से नीट परीक्षा पास करने वाले प्रार्थियों ने दायर की है। मामले पर अगली सुनवाई अब 26 जून को होगी।
प्रार्थियों ने एमबीबीएस कोर्स के लिए इस वर्ष आयोजित नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है।
एचपीयू ने वर्ष 2018-19 के एमबीबीएस कोर्स के लिए प्रोस्पेक्टस जारी किए। 13 जून को निदेशक मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च की ओर से जारी प्रोस्पेक्टस में शर्त लगाई गई कि जिस विद्यार्थी ने प्रदेश के किसी स्कूल से आठवीं, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं की चार में से दो
परीक्षाएं पास नहीं की हैं, उन्हें हिमाचल कोटे के तहत एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिला नहीं दिया जाएगा। इस शर्त में बाहरी राज्यों में सेवाएं दे रहे सरकारी कर्मियों के बच्चों को छूट दी गई थी लेकिन, निजी व्यवसाय या प्राइवेट नौकरी करने वाले हिमाचलियों के बच्चों के लिए इसमें कोई छूट नहीं दी
गई थी। प्रार्थियों का कहना है कि वह हिमाचली हैं लेकिन उनके अभिभावकों के व्यवसाय या नौकरियां प्रदेश से बाहर निजी संस्थानों में होने के कारण उन्हें बाहरी स्कूलों में पढ़ना पड़ा, इसलिए उन्हें भी छूट का लाभ मिलना चाहिए। उनसे हिमाचली कोटा नहीं छीना जा सकता।