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परीक्षा को बोझ नहीं समझें, चिंतामुक्त होकर करें तैयारी

Mon, 04 Mar 2019 10:41 AM IST
ashok chauhan अक्षरेश शर्मा, अमर उजाला, कुनिहार (सोलन)
अक्षरेश शर्मा, अमर उजाला, कुनिहार (सोलन) Published by: ashok chauhan Updated Mon, 04 Mar 2019 10:41 AM IST
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himachal school exam: Do not feel exams as  burden, feel free to prepare

परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थी अपनी तैयारी का ध्यान रखें, उसे बोझ न समझें। परीक्षाओं को बोझ समझेंगे तो मन में डर पैदा होगा। इस कारण परीक्षाओं के दौरान पढ़ाई सही ढंग से नहीं होगी।

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मनोचिकित्सक डॉ. नागेश गर्ग ने कहा कि बच्चों को परीक्षाओं के दौरान चिंतामुक्त होकर पढ़ाई करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। वे समय के हिसाब से तैयारी करें। पढ़ाई के लिए समयसारिणी बनाएं तथा उसी के अनुरूप परीक्षा की तैयारी करें।
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बेवजह चिंतित होंगे तो पढ़ाई पर असर पड़ेगा। मनोवैज्ञानिक डर परीक्षा परिणाम पर गहरा असर डालता है। परीक्षा से पूर्व संबंधित विषय का भली प्रकार से अध्ययन करना चाहिए।
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चिंता बच्चों की सफलता पर कुप्रभाव डालती है। इसलिए परीक्षा में सफलता पाने के लिए चिंता मुक्त हो कर तैयारी करनी चाहिए। विशेषतौर पर बच्चों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।

समयसारिणी बनाकर पढ़ें विद्यार्थी 

himachal school exam: Do not feel exams as  burden, feel free to prepare

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) कुनिहार के प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश नेगी ने बताया कि विद्यार्थियों को समयसारिणी बनाकर परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। विद्यार्थी परीक्षा के दौरान रात-रात भर पढ़ते हैं, उन्हें ऐसा न कर रोजमर्रा की तरह बिना किसी चिंता के तैयारी करनी चाहिए। परीक्षा में जाने से पहले कुछ अल्पाहार लेना चाहिए व सुबह-सुबह मन को शांत व एकाग्र रखने के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। 
 
परीक्षा की तैयारियों के लिए यह है डॉक्टर की राय 
मनोचिकित्सक डॉ. नागेश गर्ग ने बताया कि परीक्षा के दौरान बच्चों को खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जंक फूड व तली हुई चीजों से परहेज करना चाहिए। कम से कम 6 घंटे तक नींद लेना जरूरी है। घर का माहौल खुशनुमा होना चाहिए। बच्चों के साथ प्यार के साथ बात करें, ताकि परीक्षा के दौरान बच्चा किसी तरह की चिंता मन में न रखे। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को डराने की बजाय परीक्षा के दौरान प्यार से समझाएं। 

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