नपेंगे ज्यादा फीस वसूलने वाले निजी विवि-कॉलेज, यहां करे शिकायत
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प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित फीस से अधिक वसूली करने वाले निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों पर निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने शिकंजा कस दिया है। आयोग ने सभी निजी उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने-अपने प्रोस्पेक्टस पर शिकायत नंबर सहित जागरूक करने वाली अन्य जानकारियां छापने के आदेश दिए हैं।
आयोग ने प्रोस्पेक्टस में बदलाव करने के लिए सभी निजी शिक्षण संस्थानों को आदेश जारी करते हुए प्रोस्पेक्टस के आखिरी कवर पेज के भीतर आयोग का नोटिस छापने को कहा है। प्रोस्पेक्टस सार्वजनिक करने से पहले संस्थानों से उसकी एक-एक कॉपी आयोग में जमा करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निजी संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को जागरूक करने और उनकी मदद के लिए निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने प्रदेश में पहली बार यह व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत निजी विश्वविद्यालयों के वीसी, डिग्री कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनेजमेंट कॉलेज, डेंटल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, बीएड कॉलेज, लॉ कॉलेज सहित पालीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपलों को आदेश जारी कर सरकार द्वारा निर्धारित फीस ही विद्यार्थियों से वसूलने को कहा गया है।
संस्थान मनमानी करें तो यहां करे शिकायत
आयोग के सचिव की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालय और निजी कॉलेज सरकार द्वारा मंजूर कोर्स ही चलाएं। मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाए।
फैकल्टी और मूलभूत सुविधाओं की शर्तों को भी पूरा किया जाए। अगर इन नियमों को कई संस्थान पूरा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आयोग के सचिव ने कहा है कि अगर कोई संस्थान सभी शर्तों को पूरा नहीं करता है या मनमानी करता है तो विद्यार्थी 0177-2673664 पर संपर्क कर सकते हैं। 0177-2673663 पर फैक्स के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं।
इसके अलावा secy-perc-hp@nic.in और regulation-perc-hp@nic.in पर ई मेल कर सकते हैं। शिकायत करने के लिए यह नंबर और ई मेल प्रोस्पेक्टस पर भी छापे जाएंगे।
इसी आयोग के दायरे में आने हैं निजी स्कूल
प्रदेश सरकार निजी स्कूलों को भी इसी नियामक आयोग के दायरे में लाने जा रही है। एक्ट तैयार होते ही आयोग की ओर से निजी स्कूलों की फीस, मान्यता, शिक्षकों की योग्यता, वर्दी-किताबों की खरीद को लेकर नियम तैयार किए जाएंगे।