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विभाग ने सैनिक स्कूल के छात्रों की स्कॉलरशिप पर मारी कुंडली

Thu, 24 Aug 2017 01:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 24 Aug 2017 01:28 PM IST
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Himachal government scholarship to sainik school students

देश भर में टॉप सैनिक स्कूलों में शुमार हिमाचल के एकमात्र सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा के छात्रों को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली स्कॉलरशिप पर शिक्षा विभाग लगभग ढाई वर्ष से कुंडली मारकर बैठा हुआ है। शिक्षा विभाग सैनिक स्कूल के छात्रों और उनके अभिभावकों की समस्याओं को लेकर बेपरवाह नजर आ रहा है।

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विभाग की इस कार्यप्रणाली से सैकड़ों मेधावी छात्रों के अभिभावक को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले छात्रों को तो स्कूल छोड़ने तक की नौबत आ गई है।
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स्कूली छात्रों के अभिभावकों राकेश कुमार, विशाल गौतम, पवन कुमार और अन्य अभिभावकों ने प्रदेश सरकार से स्कॉलरशिप की राशि और अन्य बजट को तुरंत जारी करने की मांग की है।
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सैनिक स्कूल रक्षा मंत्रालय के अधीन होते हैं। यहां पढ़ने वाले छात्रों को संबंधित राज्य सरकारों की ओर से स्कॉलरशिप दी जाती है। विशेषकर गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए यह स्कॉलरशिप बहुत बड़ा सहारा होती है।

इन वर्गों के छात्र राज्य सरकार की स्कॉलरशिप के कारण ही सैनिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में शिक्षा ग्रहण कर पाते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने लगभग ढाई वर्षों से इस स्कॉलरशिप राशि को जारी नहीं किया है।

शैक्षणिक सत्र 2017-18 के पांच महीने बीत चुके हैं और अभी तक छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2015-16 और 2016-17 की स्कॉलरशिप की लगभग 80 लाख की धनराशि ही नहीं मिल पाई है।


इसके अलावा छात्रों को प्रदेश सरकार की ओर से डाइट और वर्दी के लिए मिलने वाली धनराशि भी नहीं आ रही है। उधर, उच्च शिक्षा निदेशक बीएल विंटा ने कहा कि इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। किन कारणों से स्कालरशिप रुकी है, इसका पता लगाया जाएगा।

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