लाखों छात्रों के लिए अच्छी खबर, अब साथ नहीं लाने पड़ेंगे प्रमाणपत्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूल शिक्षा बोर्ड हिमाचल के लाखों विद्यार्थियों को एक और नई डिजिटल सुविधा देने जा रहा है। शिक्षा बोर्ड प्रदेश के लाखों छात्रों का ई-लॉकर (ऑनलाइन स्टोर ऑफ एकेडमिक अवार्ड्स) बनाने जा रहा है। केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर शिक्षा बोर्ड इस तरह का प्रस्ताव बना रहा है।
ई-लॉकर लॉग इन से खुलेगा। यानी, छात्र का इसमें अपना लॉगइन आईडी और पासवर्ड होगा। ई-लॉकर में छात्र अपने शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र (डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, मार्क्सशीट) डिजिटल फॉर्मेट में रख सकेंगे। इसका फायदा छात्रों को यह होगा कि अब उन्हें शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्र हर जगह साथ नहीं ले जाने पड़ेंगे।
नौकरी या कहीं शैक्षणिक योग्यता के लिए प्रयोग होने वाले असल दस्तावेजों को हर जगह साथ ले जाने की जरूरत नहीं रहेगी। चूंकि, ई-लॉकर शिक्षा बोर्ड जारी करेगा तो ऐसे में इसमें रखे गए दस्तावेजों की विश्वसनीयता अपने आप में ही होगी।
वेरिफिकेशन का झंझट भी खत्म
नौकरी लगने के बाद विभागों में अभ्यर्थी के शैक्षणिक दस्तावेजों की वेरिफिकेशन होती है, लेकिन ई-लॉकर होने से अब शिक्षा बोर्ड से वेरिफिकेशन का झंझट भी खत्म हो जाएगा।
विश्वसनीयता, सुरक्षित स्टोरेज, आसानी से प्राप्त होना ई-लाकर की पूंजी होंगी। आधुनिक तकनीक को मानव संसाधन विकास मंत्रालय आउटसोर्स कर रहा है।
इसका लाभ लेने के लिए शिक्षा बोर्ड आतुर है। शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन बलबीर तेग्टा ने कहा कि केंद्र सरकार से ऐसा प्रस्ताव आया है। इस पर विचार किया जा रहा है।
शिक्षा बोर्ड प्रस्ताव बना रहा है। पहल लागू होने पर हिमाचल में लाखों छात्रों को ई-लॉकर का लाभ मिल सकता है।