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जल्द ही इस रंग की स्मार्ट ड्रेस में नजर आएंगे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी

Wed, 28 Mar 2018 12:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Wed, 28 Mar 2018 12:34 PM IST
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Green and chocolate colour smart dress for boys and girls in himachal govt schools

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से जमा दो कक्षा तक पढ़ने वाले नौ लाख से अधिक विद्यार्थियों को आगामी तीन महीनों के भीतर कलरफुल स्मार्ट वर्दी दी जाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लड़कों को ग्रीन और लड़कियों को चाकलेट रंग की स्मार्ट ड्रेस देने का फैसला लिया गया।

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सभी विद्यार्थियों को वर्दी के दो-दो सैट दिए जाएंगे। पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को वर्दी की सिलाई के लिए दो सौ रुपये दिए जाएंगे जबकि ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को वर्दी सिलवाने का खर्च स्वयं वहन करना होगा। मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि सरकारी स्कूलों में पहली से जमा दो कक्षा तक सभी विद्यार्थियों की अब एक समान वर्दी होगी।
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वर्तमान में जमा एक और जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों की वर्दी का रंग भिन्न होता है। मंत्रिमंडल ने फैसला लिया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लड़कों की ग्रीन रंग की पैंट और ग्रीन रंग की चैक शर्ट होगी। लड़कियों की चाकलेट रंग की चैक कमीज और चाकलेट रंग की सलवार होगी। विद्यार्थियों को सरकार द्वारा वर्दी निशुल्क मुहैया करवाई
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जाती है। पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों को सिलाई के लिए पैसा दिया जाता है जबकि जमा एक और जमा दो के विद्यार्थियों को सिलाई के लिए पैसे नहीं दिए जाते।

अटल वर्दी योजना नाम से बंटेगी वर्दी
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की मुख्यमंत्री वर्दी योजना का नाम भी बदल दिया गया है। भाजपा सरकार ने स्मार्ट वर्दी देते हुए योजना का नाम बदल कर अटल वर्दी योजना कर दिया है। भाजपा के दृष्टि पत्र में इसका उल्लेख किया गया था।

क्लस्टर विवि, हायर एजूकेशन एक्ट पर चर्चा नहीं
मंत्रिमंडल की बैठक में मंडी में शुरू किए जाने वाले क्लस्टर विश्वविद्यालय के एक्ट, निजी स्कूलों को नियामक आयोग के दायरे में लाने के एक्ट सहित हायर एजूकेशन एक्ट को लेकर चर्चा नहीं हुई।


संभावित है कि अगली कैबिनेट बैठक में इन मामलों को लेकर चर्चा होगी। इसके अलावा शिक्षकों के तबादलों के लिए तैयार किए जा रहे एक्ट को भी अगली बैठक में ही पेश किया जाएगा।

अब विधानसभा के बजट सत्र में इन सभी एक्ट को पेश करने की संभावना बहुत कम नजर आ रही है।

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