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बोर्ड कक्षाओं में पास होने लायक ही मिलेंगे ग्रेस मार्क्स
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 26 Apr 2017 10:47 AM IST
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राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की कक्षाओं में विद्यार्थियों को सिर्फ पास होने लायक ग्रेस मार्क्स ही दिए जाएंगे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बोर्ड कक्षाओं में डिविजन बढ़ाने के लिए निर्धारित से अधिक अंक देने से साफ इंकार कर दिया है। सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में राज्यों के स्कूल शिक्षा बोर्ड और शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ हुई बैठक में कहा गया कि आवश्यकता से अधिक ग्रेस मार्र्क्स न दिए जाएं।
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हिमाचल की ओर से उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा ने बैठक में भाग लिया। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में दसवीं कक्षा में 7 और जमा दो कक्षा में 5 अंक ग्रेस मार्क्स के तौर पर दिए जाते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जमा दो कक्षा में अगर किसी विद्यार्थी को पास होने के लिए दो अंकों की आवश्यकता है तो उसे दो अंक ही दिए जाएं।
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निर्धारित पांच अंक न दिए जाएं। दसवीं कक्षा में सात विषय और जमा दो में पांच विषय होते हैं। ऐसे में दसवीं में अधिकतम सात और जमा दो में अधिकतम पांच अंक ही दिए जा सकते हैं। बैठक में छात्रों को मॉडरेशन मार्क्स (70 से 95 मार्क्स पाने वाले छात्रों को दिए जाने वाले अतिरिक्त मार्क्स) का लाभ देने से भी इंकार किया गया है। हालांकि, हिमाचल में मॉडरेशन मार्क्स नहीं दिए जाते हैं। देश के कुछ राज्यों में मॉडरेशन मार्क्स देने की व्यवस्था है।
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सर्टिफिकेट में लिखेंगे ग्रेस मार्क्स से हुए पास
शिमला। केंद्र सरकार ने नई व्यवस्था करते हुए सभी राज्यों को आदेश दिए हैं कि फेल से पास होने के लिए मिलने वाले एक से सात नंबर तक के ग्रेस मार्क्स की जानकारी उक्त छात्र की मॉर्क्सशीट पर देना अनिवार्य होगा।