साढ़े चार हजार शिक्षकों के तबादले की तैयारी, यहां जानिए पूरा मामला
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प्रदेश भर के सरकारी मिडल स्कूलों से करीब साढ़े चार हजार शिक्षकों के तबादले की तैयारी है। सौ विद्यार्थियों से कम संख्या वाले मिडल स्कूलों से ड्राइंग और शारीरिक शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे।
दावा किया जा रहा है कि प्रदेश भर में 2250 मिडल स्कूलों में से मात्र 27 में ही 100 से अधिक बच्चे हैं। हालांकि, अभी प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा उपनिदेशकों से 27 जून तक ऐसे शिक्षकों की सूचियां मांगी हैं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का हवाला देते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय यह व्यवस्था करने जा रहा है। इन स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों को हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में तैनाती दी जाएगी।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को सभी शिक्षा उपनिदेशकों से 27 जून तक स्थानांतरित किए जाने वाले शिक्षकों की सूचियां मांगी हैं। निदेशालय के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत ड्राइंग और शारीरिक शिक्षक सिर्फ उन्हीं मिडल स्कूलों में नियुक्त हो सकते हैं जहां विद्यार्र्थियों की संख्या 100 से अधिक हो।
निदेशालय ने इसलिए उठाया ट्रांसफर का कदम
इसके अलावा जिन स्कूलों में दो भाषा शिक्षक नियुक्त हैं, उनमें से एक को अन्य स्कूल में भेजा जाएगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चल रही शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए निदेशालय यह कदम उठाने जा रहा है।
उधर, सीएंडवी अध्यापक संघ ने निदेशालय के इस कदम का विरोध किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा है कि अगर सरकार इन सभी स्कूलों से ड्राइंग और शारीरिक शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करती है तो 2223 स्कूलों के बच्चों के साथ अन्याय होगा।
उन्होंने कहा कि जिन स्कूल में 60 या 70 बच्चे ही हैं तो 30 बच्चों की कमी के कारण इनके भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता। चमन लाल शर्मा ने कहा कि इस तुगलकी फरमान का विरोध किया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो निदेशालय का घेराव भी किया जाएगा।