75 किमी माइलेज देगी ये कार और भी हैं बहुत सारी खासियतें
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करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय के छात्रों ने कई यंत्र बनाकर यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया है। मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सातवें सेमेस्टर के छात्रों ने मेजर प्रोजेक्ट विषय पर गो-कार्ट का निर्माण किया। विवि के छात्र अरूज महल, मुकुल ठाकुर, प्रशांत परमार व विशाल ठाकुर ने इस कार्ट के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।
दावा किया कि यह यंत्र 150 सीसी सिंगल सिलेंडर, 7 बीएचपी 4 गियर, शिफ्ट मैनुअल ट्रांसमिशन है, जो 70 से 75 किलोमीटर की औसत ऐवरेज देता है। सोलर रेफ्रीजरेटर पर मुनीष शर्मा, विनय शर्मा, दीप चंद, अरुण कुमार, अजय कुमार ने काम किया है। यह सौर ऊर्जा से चलता है और इसमें विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता नहीं है।
यह पर्यावरण के अनुकूल है, क्योंकि इसमें कलोरो फलोरो कार्बन का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसका इस्तेमाल उन स्थानों में किया जा सकता है, जहां विद्युत ऊर्जा का कोई स्रोत नहीं है। इसे कृषि, कोल्ड स्टोर, आइसक्रीम स्टाल में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सोलर कनवेयर बेल्ट को आकाश पटियाल, अभिनेश भारद्वाज, अमित कुमार ने बनाया है।
सोलर ग्रास कटर, विकलांग साइकिल भी बनाई
इसका इस्तेमाल भी उन स्थानों में किया जा सकता है, जहां विद्युत उर्जा का कोई सोर्स नहीं है और इसे क्रशर, सीमेंट प्लांट आदि में इस्तेमाल कर सकते हैं। सोलर ग्रास कटर को दीपक ठाकुर, अक्षय वर्मा, शुभम ठाकुर, विशाल धारीवाल, वरुण भारती ने बनाया है, यह यंत्र भी सौर ऊर्जा से चलता है।
इसका प्रयोग कृषि परियोजना, खेल मैदानों को साफ करने के लिए कर सकते हैं। विकलांग साइकिल को अरुण देव करन, नीरज ठाकुर, सतपाल शर्मा, ठाकुर भानु जंवाल और यशपाल ने बनाया है। इसे भी सौर ऊर्जा से चलाया जा सकता है। ऑटोमेटिक बॉटल
फिलिंग को नवजोत शर्मा, विजय कुमार, अरुण कुमार और प्रशांत शर्मा ने बनाया है। उधर, विवि के वीसी, कुलसचिव डा. संजीव शर्मा, डीन डा. एमआर शर्मा, डीन इंजीनियरिंग प्रो. डीके गौतम, विभागाध्यक्ष डा. एस वैभव और अन्य प्रोफेसर व कर्मचारियों ने छात्रों को बधाई दी।