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देशभर में पर्यावरण पर शोध करेगा जीबी पंत संस्थान

Mon, 13 Jun 2016 12:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू Updated Mon, 13 Jun 2016 12:14 PM IST
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gb pant institute conduct research on environment
Research

जीबी पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान अब हिमालय क्षेत्र समेत देशभर में पर्यावरण को लेकर शोध कार्य करेगा। विगत वर्षों में हिमालय क्षेत्र के विकास में संस्थान द्वारा किए गए महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कार्यों का पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संज्ञान लिया है।

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हिमालय के सतत विकास में संस्थान की भूमिका को और अधिक बढ़ाने के लिए इसे उच्चीकृत करने की संस्तुति की गई है। संस्थान को अब जीबी पंत नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ हिमालयन इन्वायरमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट नाम दिया गया है। गत वर्ष संस्थान के वार्षिकोत्सव के दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने संस्थान को राष्ट्रीय संस्थान के रूप में उच्चीकृत किए जाने की घोषणा की थी।
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इसी क्रम में संस्थान के शासी निकाय के अनुमोदन व मंत्रालय की स्वीकृति के बाद संस्थान को अब राष्ट्रीय संस्थान घोषित किया गया। संस्थान को विगत 27 वर्षों में निरंतर हिमालय के पर्यावरण व विकास संबंधी शोध कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने के कारण अब राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पटल पर ख्याति मिलने लगी है।
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संस्थान द्वारा विकसित विविध पर्यावरण संरक्षण तकनीकियों, प्रारूपों व नीति/योजना संबंधी दस्तावेजों से अब जन सामान्य व हिमालयी राज्य लाभान्वित हो रहे हैं। संस्थान के शोध कार्यों की गुणवत्ता एवं महत्ता को देखते हुए इसे पिछले वर्ष हिमालयन यूनिवर्सिटी कन्सोर्सियम में विश्व के 43 देशों के चुनिंदा विश्वविद्यालयों/शोध संस्थानों के साथ आजीवन सदस्यता मिली।


इधर, संस्थान के निदेशक डा. पीपी ध्यानी ने बताया कि यह उपलब्धि संस्थान के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों व अन्य कर्मचारियों द्वारा विगत 27 वर्षों में और विशेषकर पिछले 2 वर्षों में समन्वित रूप से किए गए अथक प्रयासों एवं कार्यों का परिणाम है।

 

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