एचपीयू देगा मुफ्त कोचिंग, स्टाइपंड भी मिलेगा, जल्द करें आवेदन
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर स्थित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र ने प्रदेश सरकार के फैसले के मुताबिक मुफ्त कोचिंग के लिए पात्र वर्ग की सूची में अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्रों के अलावा इस बार से अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग (शारीरिक रूप से विकलांग) आईआरडीपी और बीपीएल और सिंगल गर्ल चाइल्ड को भी शामिल कर दिया है।
इसके साथ ही इन आरक्षित वर्ग के छात्रों को मुफ्त कोचिंग के साथ हर महीने 3000 रुपये स्टाइपंड भी दिया जाएगा। इसके लिए आवेदनकर्ता छात्र की पारिवारिक आय की लिमिट को अनुसूचित के लिए पूर्व में तय ढाई और एससी के लिए तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दिया है। केंद्र ने इस कोचिंग कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसमें आरक्षित वर्ग के तहत आने वाले छात्रों को संबंधित श्रेणी के प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न करने होंगे, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों को भी तय फार्मेट में आवेदन करना होगा।
केंद्र के निदेशक प्रो. जोगेंद्र धीमान ने बताया कि 20 फरवरी से प्रशासनिक सेवाओं, मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण बैच शुरू होगा। इसके लिए सामान्य प्रार्थना पत्र पर आवेदन दिनांक 18 फरवरी तक करना अनिवार्य हे, इससे संबंधित जानकारी और आवेदन फार्म विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
कोचिंग की समय अवधि भी बढ़ी
इस बार आईएएस, एचएएस तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की समय सीमा भी बढ़ाई गई है ताकि विद्यार्थियों को अधिक से अधिक समय तैयारी के लिए मिल सके। कोचिंग बैच में प्रवेश लेने वाले आरक्षित वर्ग के छात्रों को प्रतिमाह तीन हजार स्टाइपंड मिलेगा, जबकि अनारक्षित वर्ग के छात्रों को प्रतिमाह 2500 रुपये फीस अदा करनी होगी।
इस बार कोचिंग लेने वाले छात्रों को छात्रावास सुविधा भी मिलेगी
केंद्र के निदेशक प्रो. जोगेंद्र धीमान ने कहा कि विश्वविद्यालय का कोचिंग केंद्र इस बार केवल 40 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास रहेगा। इसके लिए राज्य सरकार से वित्त वर्ष में 25 लाख छात्रावास के लिए 28 लाख बिजली का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए दिए गए हैं।
वहीं 14 लाख रुपये की धनराशि कोचिंग की व्यवस्था के लिए भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में पहली बार बेहतरीन प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कई नवाचार भी शुरू किए जा रहे हैं। इसके लिए कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी और केंद्र निदेशक प्रो. धीमान ने प्रदेश सरकार का आभार जताया है।