{"_id":"5f578ee58ebc3e45a530745e","slug":"fake-notification-of-postponement-of-btech-and-mtech-exams-viral-stir-in-university","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीटेक और एमटेक परीक्षा स्थगित होने की फर्जी अधिसूचना वायरल, विवि में हड़कंप","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
बीटेक और एमटेक परीक्षा स्थगित होने की फर्जी अधिसूचना वायरल, विवि में हड़कंप
Tue, 08 Sep 2020 07:32 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 08 Sep 2020 07:32 PM IST
विज्ञापन
एचपीयू शिमला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचपीयू शिमला की बीटेक और एमटेक परीक्षा स्थगित करने की फर्जी अधिसूचना सोशल मीडिया में वायरल हो गई। दोनों कोर्स की परीक्षा 22 सितंबर से शुरू हो रही है। सोशल मीडिया किसी ने फर्जी अधिसूचना जारी कर दी। इसमें कहा गया कि बीटेक और एमटेक की 22 सितंबर से शुरू होने वाली परीक्षाओं का रद्द कर दिया गया है। इससे विवि में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यह विवि के विद्यार्थियों की शरारत भी हो सकती है।
विज्ञापन
अधिसूचना को इतनी होशियारी से बनाया गया है कि देखकर यही लग रहा था कि इसे विवि की ओर से ही जारी किया गया हो। मामले की भनक लगते ही विवि को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने साफ किया कि विवि की ओर से परीक्षा शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया है। परीक्षाएं 22 सितंबर से ही होंगी। उन्होंने साफ किया कि सोशल मीडिया में फर्जी अधिसूचना तैयार कर सर्कुलेट की जा रही है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। परीक्षा स्थगित करने की अधिसूचना को इतनी होशियारी से बनाया गया था कि विवि भी कुछ देर के लिए भ्रमित हो गया।
विज्ञापन
मंगलवार को ही तैयार की गई फर्जी अधिसूचना
परीक्षा स्थगित किए जाने को लेकर तैयार कर सर्कुलेट की गई अधिसूचना मंगलवार को ही बनाई गई है। परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर के साथ अधिसूचना में छात्रों से शांत रहने और परीक्षा से संबंधित आगामी आदेशों का इंतजार करने का आग्रह भी किया गया था। कंडक्ट ब्रांच के एआर के हस्ताक्षर भी इसमें किए गए थे। इसकी प्रति डीन फैकल्टी इंजीनियरिंग, निदेशक यूआईटी और पीआरओ को भी की गई थी। निदेशक को सूचना छात्रों तक पहुंचाने की बात भी लिखी गई थी।
विज्ञापन