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छात्रों को बड़ी राहत, पास होने के लिए चाहिए अब इतने नंबर
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:01 AM IST
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एचपीयू की कार्यकारी परिषद (ईसी) ने रूसा सीबीसीएस के तहत 2015-18 बैच के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश विवि में शुक्रवार को हुई बैठक में सेमेस्टर परीक्षा पास करने के लिए 45 फीसदी न्यूनतम अंक लेने वाले फैसले को मंजूरी दे दी गई। इस बैच के स्टूडेंट्स के खराब परीक्षा परिणाम पर सितंबर में सचिवालय में हुई बैठक में यह फैसला लिया था।
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दोबारा पुनर्मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने पर छात्रों के नतीजे सुधरे थे। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद के यूजी डिग्री कोर्स के छात्रों को यह छूट नहीं मिलेगी। उन्हें तय प्राप्तांक की शर्त पूरी करनी होगी। पहली बार 50:50 के अनुपात में थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट के अंकों का अनुपात 70:30 किए जाने से यूजी के इस बैच के छात्रों का परिणाम खराब रहा था।
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इसके चलते विवि ने सिर्फ इस बैच के छात्रों को 45 एग्रीगेट 45 फीसदी प्राप्त करने पर विषय और सेमेस्टर में पास घोषित करने का फैसला लिया था। बैठक में सुपरन्यूमरेरी कोटे में जम्मू-कश्मीर के दो छात्रों के लिए विवि के हर डिग्री कोर्स में सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से दो सीटें यूजीसी नियमों के तहत आरक्षित करने का फैसला लिया।
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ईसी ने सीआरई कसौली की ओर से चलाए जा रहे एमएससी माइक्रोबायोलॉजी कोर्स को विवि से स्थायी संबद्धता देने को अलग से कमेटी बनाने का फैसला लिया। भर्ती एवं पदोन्नति कमेटी की सेक्शन ऑफिसर और सहायक कुलसचिव के पदों को लेकर दी सिफारिशों को मान लिया।
विवि ने सरकारी पांच डिग्री कॉलेजों को विवि की स्थायी संबद्धता देने को भी मंजूरी दी। बैठक में प्रो-वीसी प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान, विधायक एवं ईसी सदस्य अनिरुद्ध सिंह, चंद्रशेखर उपाध्यक्ष हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट कॉरपोरेशन, प्रो. एसएस चौहान, प्रो. जेबी नड्डा, प्रो. डीके शर्मा, डॉ. श्याम जोशी, डॉ. उमा वर्मा, राजकुमारी मौजूद रहीं। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. पंकज ललित बतौर सदस्य सचिव मौजूद रहे।