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डॉ. तेज प्रताप बने पंत कृषि एवं तकनीकी विश्वविद्यालय के 26वें कुलपति

Sat, 13 Oct 2018 11:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 13 Oct 2018 11:53 AM IST
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Dr Tej Pratap appointed as Vice chancellor of Govind Ballabh Pant University

डॉ. तेज प्रताप को गोविंद वल्लभ पंत कृषि एवं तकनीकी विश्वविद्यालय पंतनगर का 26वां वीसी नियुक्त किया गया है। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उनकी नियुक्ति तीन वर्ष के लिए की है। नियुक्ति संबंधी आदेश राज्यपाल के सचिव आरके सुधांशु की ओर से जारी किया गया। 66 साल के डॉ. तेज प्रताप मौजूदा समय में शिमला स्थित एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी में बतौर वाइस चांसलर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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यह मूल रूप से जिला कुल्लू के मणिकर्ण के पढ़ई गांव के रहने वाले हैं। अगले सप्ताह डॉ. तेज प्रताप पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में वीसी का पदभार संभालेंगे। अभी कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला पंत विवि के कार्यवाहक कुलपति का कार्यभार देख रहे हैं।  उन्हें पिछले महीने की 26 तारीख को पंतनगर विवि के कुलपति का दायित्व राज्यपाल के आदेश पर मिला था। डॉ. तेज प्रताप के कार्यभार ग्रहण करने तक कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ही इस पद पर कार्य करते रहेंगे। 
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आठवीं तक की शिक्षा गांव से प्राप्त की डा. तेज प्रताप ने
डॉ. तेज प्रताप ने आठवीं तक की शिक्षा अपने गांव के स्कूल से प्राप्त की है। 14 साल शिमला में रह कर इन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। इन्होंने एग्रो इक्लॉजी में पीएचडी की है। डिग्री पूरी करने के बाद हिमालय एग्रीक्लचर प्रोजेक्ट पर 1981 से 1986 तक बतौर प्रमुख विशेषज्ञ के तौर पर काम किया और इस दौरान हिमाचल, पूह, लद्दाख से लेकर नार्थ ईस्ट तक रिसर्च की।
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इसके बाद यूएन में माउंटेन इंटरनेशनल सेंटर में माउंटेन एरिया डेवलपमेंट प्रमुख के तौर पर बारह साल तक अपनी सेवाएं दी।  इसके बाद साल 2001 से 2010 तक पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय चौधरी श्रवण कुमार में बतौर वाइस चासंलर भी रहे। साल 2010 से 2015 तक जम्मू कश्मीर में शेरे ऐ कश्मीर विश्वविद्यालय में वाइस चासंलर के तौर पर रहे। कश्मीर यूनिवर्सिटी में यह पहले बाहरी वीसी थे।


उस समय उस यूनिवर्सिटी का रैंक 32 था, जिस समय वहां से लौटे तब तक यूनिवर्सिटी का रैंक तीसरे नंबर पर आ गया। प्रोफेसर डॉ. तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने तमाम उम्र माउंटेन एरिया पर ही रिसर्च की है और नेशनल कमीशन ऑन फार्मर के सदस्य भी रहे। नई नियुक्ति को लेकर वह उत्साहित है और पूरे जीवन का जो अनुभव है उससे वह कृषि विश्वविद्यालय को और भी ऊंचाई तक ले जाने का भरसक प्रयास करेंगे।

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